गर्मी से मिली राहत, सड़कें बनीं तालाब औरैया जिले के अजीतमल क्षेत्र और आसपास के इलाकों में सोमवार रात मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवाओं के साथ शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने बीते तीन दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से लोगों को बड़ी राहत दिलाई। तापमान में अचानक आई गिरावट से मौसम खुशनुमा हो गया, लेकिन इस तेज बारिश के कारण मुरादगंज और कस्बीय क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। रात भर हुई झमाझम बरसात के चलते सुबह होते-होते मुख्य रास्ते पानी में डूब गए, जिससे स्थानीय लोगों का दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
मुरादगंज में थमी वाहनों की रफ्तार बारिश के बाद औरैया रोड, फफूंद रोड और इटावा रोड पर घुटनों तक पानी भर गया। प्रमुख मार्गों पर जलजमाव होने की वजह से राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। पानी के बीच से गुजरने के चक्कर में कई दुपहिया वाहन बंद पड़ गए, जिससे सड़कों पर लंबा जाम लग गया। औरैया रोड पर स्थिति सबसे ज्यादा खराब देखने को मिली, जहां नालों का गंदा पानी भी सड़क पर आ गया। इस वजह से सुबह के समय स्कूल जाने वाले बच्चों और दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों को भारी असुविधा हुई।

किसानों के खिले चेहरे, फसलों को संजीवनी एक तरफ जहां जलभराव ने शहरवासियों की मुश्किलें बढ़ाईं, वहीं दूसरी तरफ इस बारिश ने ग्रामीण अंचलों के किसानों के चेहरे पर मुस्कान ला दी। कृषि विशेषज्ञों और स्थानीय किसानों के अनुसार यह बारिश धान, बाजरा और अन्य खरीफ फसलों की रोपाई व बुवाई के लिए अमृत समान साबित होगी। पिछले कुछ दिनों से तेज धूप के कारण खेत सूख रहे थे, जिससे सिंचाई का खर्च बढ़ रहा था। अब इस प्राकृतिक वर्षा से फसलों को नया जीवन मिला है और किसानों पर पड़ने वाला अतिरिक्त आर्थिक बोझ काफी हद तक कम हो जाएगा।
सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल, ग्रामीणों में रोष मुरादगंज कस्बे के स्थानीय निवासियों ने इस जलभराव के लिए सीधे तौर पर ग्राम पंचायत और प्रशासनिक लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। कस्बे के निवासियों का कहना है कि नालियों और नालों की समय पर नियमित सफाई नहीं कराई जाती है, जिसके कारण थोड़ा सा भी पानी बरसते ही जल निकासी ठप हो जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव से कई बार लिखित व मौखिक शिकायतें कीं, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला।
प्रशासनिक कदम और आगे की स्थिति स्थानीय लोगों की मांग है कि मानसून के दौरान होने वाली आगे की परेशानियों से बचने के लिए प्रशासन तुरंत नाला सफाई का कार्य शुरू कराए। यदि समय रहते जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में और ज्यादा बारिश होने पर स्थिति बेकाबू हो सकती है। फिलहाल, बारिश थमने के बाद भी कई इलाकों में जलजमाव बना हुआ है, जिसे निकालने के लिए कोई ठोस प्रबंध नहीं दिखे हैं। लोगों को उम्मीद है कि जनसमस्या को देखते हुए जिम्मेदार अधिकारी जल्द हरकत में आएंगे और जलभराव से निजात दिलाएंगे।









