कारों में लगे एयरबैग यात्रियों की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। दुर्घटना के समय ये कुछ ही क्षणों में सक्रिय होकर गंभीर चोटों से बचाने में मदद करते हैं।
जानकारी के अनुसार, किसी दुर्घटना के दौरान कार में लगा एयरबैग लगभग 321 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से केवल 30 मिलीसेकंड में खुलना शुरू कर देता है। यह प्रक्रिया इतनी तेज होती है कि इंसान की पलक झपकने की गति से भी कई गुना अधिक तेज मानी जाती है।
एयरबैग सेंसर टक्कर का पता लगाते ही सक्रिय हो जाते हैं और गैस जनरेटर की मदद से बैग को तुरंत फुला देते हैं। यही वजह है कि दुर्घटना के समय सिर और शरीर को अतिरिक्त सुरक्षा मिलती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सीट बेल्ट और एयरबैग दोनों का एक साथ उपयोग करने से दुर्घटना के दौरान चोट लगने का खतरा काफी कम हो जाता है।
आधुनिक वाहनों में सुरक्षा तकनीकों के विकास ने सड़क यात्रा को पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित बना दिया है।












