रविवार को सोशल मीडिया पर मुरादगंज क्षेत्र का एक वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद पूरे इलाके में इसकी चर्चा शुरू हो गई। वीडियो में पुलिस और कुछ लोगों के बीच तीखी बहस, धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी जैसी स्थिति दिखाई दे रही है। वायरल वीडियो के सामने आते ही पुलिस महकमे में भी हलचल बढ़ गई। स्थानीय लोगों के बीच घटना को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं होने लगीं। मामला अजीतमल क्षेत्र के मुरादगंज हाईवे ओवरब्रिज के पास का बताया जा रहा है, जहां देर रात वाहन चेकिंग के दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि उसका वीडियो सोशल मीडिया तक पहुंच गया।
वायरल वीडियो में मुरादगंज चौकी प्रभारी अवनीश कुमार अपने पुलिसकर्मियों के साथ नजर आ रहे हैं। वीडियो में बहस के दौरान कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल भी सुनाई दे रहा है, जबकि मौके पर मौजूद महिलाएं घबराई हुई दिखाई देती हैं। कार सवार लोगों का आरोप है कि पुलिस चेकिंग के दौरान नशे की हालत में थी और बिना वजह उन्हें परेशान किया जा रहा था। उनका कहना है कि वे एक शादी समारोह से लौट रहे थे और कार में महिलाएं भी मौजूद थीं, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए विवाद बढ़ा दिया।
दूसरी ओर पुलिस का पक्ष इससे अलग है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह के अनुसार, देर रात मुरादगंज हाईवे ओवरब्रिज के पास नियमित वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान कस्बे की ओर से आ रही एक कार को रोककर उसके जरूरी दस्तावेज मांगे गए। पुलिस का कहना है कि कार सवार लोग वाहन के कागजात नहीं दिखा सके और इसी बात पर उन्होंने पुलिस से बहस शुरू कर दी। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि मौके पर तनाव की स्थिति बन गई और दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया।
पुलिस के मुताबिक, वाहन के वैध दस्तावेज प्रस्तुत न किए जाने पर कार को सीज कर दिया गया। इसके साथ ही विवाद करने के आरोप में इटावा जिले के लखना निवासी अबरार खान पुत्र इस्लाम खान तथा मुरादगंज निवासी इमरान खान पुत्र अब्दुल और मोहम्मद सोहिल पुत्र अब्दुल रहमान के खिलाफ विधिक कार्रवाई की गई है। वहीं दूसरी ओर वायरल वीडियो के बाद स्थानीय लोगों में यह चर्चा भी तेज है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो।
यह मामला अब केवल सड़क पर हुए विवाद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के कारण लोगों की नजरें भी इस पर टिक गई हैं। एक तरफ पुलिस अपनी कार्रवाई को नियमों के अनुसार बता रही है, जबकि दूसरी ओर कार सवार लोग पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगा रहे हैं। ऐसे में निष्पक्ष जांच और उपलब्ध वीडियो के आधार पर सच्चाई सामने आना बेहद जरूरी माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर सभी की नजर रहेगी।














