Noida News: नोएडा में फर्जी कॉल सेंटर के जरिए अमेरिका के नागरिकों से ठगी का मामला सामने आया है. सेंट्रल नोएडा के सेक्टर-142 थाना पुलिस ने सेक्टर-138 की एक इमारत की तीसरी मंजिल पर चल रहे अवैध कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. डीसीपी सेंट्रल नोएडा शैलेंद्र सिंह ने बताया कि बुधवार रात सघन चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस टीम ने प्लॉट संख्या 58 पर दबिश दी थी. यहां आरोपी फर्जी पहचान के सहारे विदेशी नागरिकों से संपर्क कर रहे थे. पुलिस के मुताबिक, ई-सिम कार्ड और कंप्यूटर-मोबाइल के जरिए अमेरिका के लोगों को भरोसे में लेकर धोखाधड़ी की जा रही थी.
पुलिस की कार्रवाई के दौरान तीनों आरोपियों को बिना किसी प्रतिरोध के पकड़ लिया गया. जांच में सामने आया कि नोएडा में बैठकर यह गिरोह विदेशी नागरिकों, खासकर अमेरिका के लोगों को निशाना बना रहा था. कॉल सेंटर में एक साथ 9 सीपीयू और 9 डेस्कटॉप कंप्यूटर लगाए गए थे. इसके अलावा राउटर, माउस, की-बोर्ड और हेडफोन भी मिले हैं. पुलिस के अनुसार, इतने उपकरणों के साथ कॉल सेंटर का संचालन किया जा रहा था. अब पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि आरोपियों ने अब तक कितने विदेशी नागरिकों से ठगी की और इस काम में उनके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं.
बरामद उपकरणों से खुलेंगे कई राज
पुलिस ने मौके से 9 CPU, 9 Desktop, एक Router, 9 Mouse, 9 Keyboard, 9 Headphone और 4 iPhone बरामद किए हैं. सभी इलेक्ट्रॉनिक सामान को चिट लगाकर सीज कर दिया गया है. पुलिस के मुताबिक, इन उपकरणों की Forensic Investigation कराई जाएगी. इससे फर्जी कॉल सेंटर के काम करने के तरीके और उसके नेटवर्क से जुड़ी जानकारी सामने आने में मदद मिलेगी. साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह के तार दूसरे शहरों या राज्यों से जुड़े हैं या नहीं. आरोपियों की पूर्व आपराधिक पृष्ठभूमि और दूसरे राज्यों में उनकी संलिप्तता की भी जांच की जा रही है.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सामने आई
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मंसूरी, उम्र 26 वर्ष, निवासी अहमदाबाद, गुजरात, तरूण मिश्रा, उम्र 39 वर्ष और चन्द्रकांत, उम्र 39 वर्ष, निवासी करवर, कर्नाटक के रूप में हुई है. पुलिस का कहना है कि यह गिरोह देशभर में फैले नेटवर्क के जरिए नोएडा से विदेशी नागरिकों को निशाना बना रहा था. आरोपियों से पूछताछ जारी है. जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि कॉल सेंटर के जरिए अब तक कितने लोगों के साथ धोखाधड़ी हुई और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं. बरामद कंप्यूटर और मोबाइल जांच में अहम सबूत माने जा रहे हैं.
फर्जी कॉल सेंटर पर पुलिस सख्त
पुलिस के मुताबिक, इस तरह के फर्जी कॉल सेंटरों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा. फिलहाल तीनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है और बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच कराई जाएगी. पुलिस यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि नोएडा में चल रहे इस कॉल सेंटर का नेटवर्क कितना फैला हुआ था. जांच में आरोपियों के दूसरे राज्यों से जुड़े होने की भी पड़ताल की जा रही है. पुलिस की कार्रवाई के बाद अब इस पूरे मामले में आगे की जानकारी जांच के आधार पर सामने आएगी. फिलहाल तीनों आरोपी पुलिस की कार्रवाई में गिरफ्तार हो चुके हैं और मामले की जांच जारी है.






