Alok Gupta Murder: प्रयागराज के धूमनगंज में 27 वर्षीय डिजिटल क्रिएटर आलोक गुप्ता के अचानक गायब होने का मामला अब हत्या तक पहुंच गया है. आलोक का शव प्रयागराज से करीब 62 किलोमीटर दूर मध्य प्रदेश के रीवा जिले की सोहागी पहाड़ी पर फेंके जाने की बात सामने आई है. परिवार उसकी तलाश में जुटा था, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल रहा था. इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई. जांच शुरू हुई तो अंबर अपार्टमेंट के CCTV फुटेज ने पूरा मामला दूसरी तरफ मोड़ दिया. 10 अगस्त की रात तीन युवक आलोक के फ्लैट से बाहर निकलते दिखाई दिए. उनके हाथ में एक बड़ा बैग था.
इसके बाद तीनों युवक सिल्वर रंग की Swift कार में बैठकर वहां से रवाना हो गए. पुलिस ने CCTV फुटेज को जांच की अहम कड़ी माना और तीनों युवकों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया. पूछताछ आगे बढ़ी तो हत्या से जुड़ी जानकारी सामने आने लगी. पुलिस ने आलोक के मोबाइल की Call Detail भी खंगाली. इसी दौरान एक युवती का नंबर सामने आया. जांच में यह भी जानकारी मिली कि घटना वाली रात प्रतापगढ़ के कुंडा का रहने वाला एक युवक आलोक से मिलने उसके फ्लैट पर पहुंचा था. पुलिस ने बुधवार रात उस युवक को हिरासत में लिया.
CCTV फुटेज ने बदली पूरी कहानी
आलोक के फ्लैट से रात में तीन युवकों का बाहर निकलना जांच का अहम हिस्सा बन गया. CCTV में उनके हाथ में बड़ा बैग दिखाई दिया और इसके बाद वे सिल्वर रंग की Swift कार से वहां से निकल गए. पुलिस ने इसी फुटेज के आधार पर तीनों की पहचान की और उन्हें हिरासत में लिया. अब जरा आगे की कड़ी समझिए. मोबाइल की Call Detail खंगालने पर पुलिस को एक युवती का नंबर मिला. पूछताछ में सामने आई जानकारी के आधार पर आलोक की गर्लफ्रेंड बताई जा रही युवती को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है.
महंगे गैजेट्स पर पुलिस की नजर
पुलिस की शुरुआती जांच में वारदात के पीछे आलोक के महंगे कैमरों और दूसरे Electronic Gadgets को लूटने की आशंका सामने आई है. हालांकि पुलिस अभी हत्या की पूरी वजह और वारदात में शामिल सभी लोगों की भूमिका साफ करने में जुटी है. आलोक डिजिटल कंटेंट बनाने का काम करता था और शादी व दूसरे समारोहों में Photoshoot भी करता था. इसी वजह से उसके पास महंगे कैमरे और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सामान होने की जानकारी जांच में सामने आई है. फिलहाल पुलिस इस आशंका की जांच कर रही है और हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ जारी है.
मोबाइल बंद मिला, दरवाजे पर ताला
आलोक मूल रूप से प्रतापगढ़ के कुंडा का रहने वाला था और पिछले कई वर्षों से प्रयागराज के धूमनगंज स्थित अंबर अपार्टमेंट में किराए के फ्लैट में रह रहा था. परिजनों के मुताबिक 10 अगस्त के बाद वह दिखाई नहीं दिया. 11 अगस्त की सुबह परिवार ने उसके मोबाइल पर फोन किया तो कोई जवाब नहीं मिला और मोबाइल बंद था. इसके बाद परिजन उसके फ्लैट पर पहुंचे, लेकिन वहां दरवाजे पर ताला लगा मिला. काफी तलाश के बाद भी जब आलोक का पता नहीं चला तो 22 अगस्त को धूमनगंज थाने में सूचना दी गई.
पुलिस को कॉल डिटेल से सुराग
गुमशुदगी की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. CCTV फुटेज के साथ आलोक के मोबाइल रिकॉर्ड की भी पड़ताल की गई. इसी दौरान पुलिस एक युवती के नंबर तक पहुंची. इसके बाद घटना वाली रात आलोक से मिलने पहुंचे प्रतापगढ़ के कुंडा निवासी युवक के बारे में जानकारी सामने आई. पुलिस ने बुधवार रात उसे हिरासत में लिया. उससे मिली जानकारी के आधार पर आलोक की गर्लफ्रेंड बताई जा रही युवती को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया. अब पुलिस इन लोगों से पूछताछ कर घटना की पूरी कहानी समझने में जुटी है.
अब बाकी कड़ियां जोड़ रही पुलिस
फिलहाल पुलिस का ध्यान हत्या की पूरी वजह और वारदात में शामिल सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट करने पर है. शुरुआती जांच में महंगे कैमरों और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को लूटने की आशंका सामने आई है, लेकिन यह अभी जांच का हिस्सा है. CCTV में दिखा बड़ा बैग, तीन युवकों की मौजूदगी और मोबाइल की Call Detail इस मामले में अहम कड़ियां बनकर सामने आई हैं. पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर रही है. साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आलोक की हत्या के पीछे पूरी कहानी क्या थी और वारदात में कौन-कौन शामिल था.






