नोएडा की सुपरनोवा सोसाइटी में शनिवार की सुबह सब कुछ रोज की तरह ही चल रहा था. लोग अपने काम में लगे थे. किसी को क्या पता था कि कुछ ही देर में यहां एक ऐसा हादसा होने वाला है, जिसे देखकर हर किसी का दिल दहल जाएगा. सेक्टर-94 की एस्पायर टावर की 43वीं मंजिल पर एक युवक बालकनी की रेलिंग के बाहर लटका हुआ था. नीचे से देखने वालों को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर उसे कैसे बचाया जाए. पास में काम कर रहे चार युवकों ने दौड़कर उसे पकड़ लिया, लेकिन कुछ ही पलों में सब कुछ उनके हाथ से निकल गया.
जिस युवक को बचाने की कोशिश हो रही थी, उसका नाम संभव जैन था. उम्र महज 29 साल और पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर था. सामने आए वीडियो में दिखाई देता है कि संभव रेलिंग के बाहर था और चार युवक उसे बार-बार समझा रहे थे. वे उसका हाथ पकड़कर उसे ऊपर खींचने की कोशिश कर रहे थे. उसे कह रहे थे कि अंदर आ जाओ, ऐसा मत करो. बताया गया कि संभव ने उन युवकों से कहा कि वह बहुत परेशान है और अब जीना नहीं चाहता. युवकों ने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की, लेकिन संभव ने उनके हाथ छुड़ा लिए.

एक दिन पहले ही लिया था सुपरनोवा में कमरा
घड़ी की सुई शनिवार सुबह करीब 11 बजकर 27 मिनट पर पहुंची थी. संभव ने एक दिन पहले यानी 2 अक्टूबर को सुपरनोवा बिल्डिंग में कमरा नंबर 4228 लिया था. यह कमरा Airbnb के जरिए किराए पर लिया गया था. अगले दिन वह कमरे की बालकनी में पहुंचा और रेलिंग के बाहर चला गया. पास के कमरे नंबर 4227 में चार एसी टेक्नीशियन काम कर रहे थे. उनकी नजर जैसे ही संभव पर पड़ी, वे तुरंत उसकी तरफ दौड़े. उन्होंने उसे रोकने की कोशिश की, उससे बात की, उसे समझाया, लेकिन हालात ऐसे बने कि वे उसे बचा नहीं सके.
पिता से तीन दिन तक होती रही बात
हादसे के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू हुई. धीरे-धीरे इस कहानी की दूसरी कड़ियां भी सामने आने लगीं. पुलिस को पता चला कि संभव पिछले कुछ दिनों से अपने पिता विनय कुमार जैन के संपर्क में था. घटना से पहले करीब तीन दिन तक दोनों के बीच वॉट्सऐप पर लगातार बातचीत हुई थी. पिता को अंदाजा हो गया था कि बेटा किसी बड़ी परेशानी में है. संभव बातचीत में बार-बार अपनी जिंदगी खत्म करने की बात कह रहा था. पिता ने उसे समझाया, हिम्मत दी और घर लौटने को कहा, लेकिन शायद उसके मन में चल रहा तूफान बहुत गहरा हो चुका था.
घर में बच्चे की बीमारी ने बढ़ाई चिंता
अब सवाल था कि आखिर 29 साल का यह युवक इतना परेशान क्यों था? परिवार से मिली जानकारी और पुलिस की शुरुआती जांच में इसकी कई वजहें सामने आईं. संभव की शादी साल 2024 में हुई थी. अगले ही साल उसके घर बच्चे की किलकारी गूंजी, लेकिन खुशी ज्यादा दिन नहीं टिक पाई. बच्चा समय से पहले पैदा हुआ और जन्म के बाद से ही बीमार रहने लगा. बच्चे के इलाज में परिवार ने करीब 35 से 40 लाख रुपये खर्च कर दिए. उम्मीद थी कि इलाज के बाद बच्चा ठीक हो जाएगा, लेकिन उसकी तबीयत लगातार खराब बनी रही. यह चिंता संभव को अंदर ही अंदर खाए जा रही थी.
पत्नी से रिश्ता टूटा, परेशानियां बढ़ती गईं
इधर घर की परेशानियां भी कम नहीं हुईं. समय बीतने के साथ संभव और उसकी पत्नी के बीच रिश्ते खराब होते गए. आखिरकार दोनों का कोर्ट से तलाक हो गया. एक तरफ बच्चे की बीमारी और इलाज का खर्च, दूसरी तरफ पत्नी से रिश्ता टूट जाना और ऊपर से अपनी सेहत को लेकर चिंता. इन सबने संभव को परेशान कर रखा था. परिवार के मुताबिक, वह पिछले तीन दिनों से अपने घर भी नहीं गया था. पिता लगातार उससे बात कर रहे थे. वे उसे समझा रहे थे कि घर आ जाओ, सब मिलकर रास्ता निकाल लेंगे, लेकिन संभव वापस नहीं लौटा.
मोबाइल में मिला आखिरी वीडियो
पुलिस की जांच में संभव के मोबाइल से कुछ अहम बातें भी मिली हैं. उसके पिता के साथ हुई वॉट्सऐप चैट पुलिस के हाथ लगी है. इसके अलावा घटना से पहले बनाया गया एक वीडियो भी मिला है. पुलिस के मुताबिक, इस वीडियो में संभव ने आर्थिक परेशानी का जिक्र किया है और अपनी जिंदगी खत्म करने की बात कही है. पुलिस ने वीडियो को जांच के लिए भेज दिया है. अब पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले संभव किन हालातों से गुजर रहा था और आखिर उसके मन में क्या चल रहा था.
आखिर क्यों उठाया इतना बड़ा कदम?
आखिर में इस पूरी कहानी को जोड़कर देखें तो सामने एक ऐसा युवक आता है, जिसकी उम्र अभी जिंदगी को समझने और आगे बढ़ने की थी. संभव जैन गुरुग्राम के आईएमटी मानेसर इलाके का रहने वाला था. सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम करता था. लेकिन जिंदगी में एक के बाद एक ऐसी परेशानियां आती गईं, जिनसे वह खुद को घिरा हुआ महसूस करने लगा. बच्चे की बीमारी, लाखों रुपये का इलाज, पत्नी से तलाक, अपनी सेहत की चिंता और आर्थिक परेशानी इन सबके बीच उसने यह कदम उठा लिया. फिलहाल पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है.






