गोरखपुर के खोराबार इलाके में रविवार को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी की. सीओ कैंट अरुण कुमार ने बताया कि सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए अफजल खान और मो. शमी को गिरफ्तार किया. इनके साथ एक बाल अपचारी को भी पुलिस अभिरक्षा में लिया गया. अरुण कुमार के मुताबिक अफजल खान कैंट थाना क्षेत्र के डिबिया का रहने वाला है, जबकि मो. शमी दिव्यनगर रानीडीहा का निवासी है. कार्रवाई के बाद जब पुलिस ने आरोपियों की तलाशी ली तो मामला सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहा और हथियारों की बरामदगी ने जांच को आगे बढ़ा दिया.
सीओ कैंट अरुण कुमार ने बताया कि तलाशी के दौरान पुलिस को एक .315 बोर का अवैध तमंचा, .32 बोर की अवैध पिस्टल मय मैगजीन और 7.65 बोर का जिंदा कारतूस मिला. इसके अलावा UP 53 BF 2735 नंबर की स्विफ्ट डिजायर कार भी पुलिस ने कब्जे में ली. इस मामले में खोराबार थाने में मु0अ0सं0 471/2026 दर्ज किया गया है. पुलिस ने धारा 55, 61 बीएनएस और 9/25 आयुध अधिनियम के तहत कार्रवाई की है. अरुण कुमार ने बताया कि पूछताछ के दौरान इस मामले की कड़ियां पहले हुई हथियार बरामदगी और पुराने मामलों से भी जुड़ती दिखाई दीं.

पुराने केस से जुड़ती गई कड़ी
पुलिस की जांच में 17 मार्च 2026 का चिलुआताल थाना क्षेत्र का मामला सामने आया. यहां राज कुमार चौहान की गोली और चाकू मारकर हत्या की गई थी. पुलिस के मुताबिक इस मामले में दो अवैध पिस्टल बरामद कर मनीष यादव और सचिन यादव को गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद एसटीएफ गोरखपुर और एंटी थेफ्ट टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए पांच कथित असलहा तस्करों को गिरफ्तार किया. पुलिस के अनुसार इनके कब्जे से चार पिस्टल, मैगजीन और जिंदा कारतूस बरामद हुए थे. सीओ अरुण कुमार ने बताया कि जांच में इन मामलों की कड़ियों को मौजूदा असलहा नेटवर्क से जोड़कर देखा जा रहा है.
गोरखपुर से कुशीनगर तक पहुंची
सीओ कैंट अरुण कुमार ने बताया कि जांच आगे बढ़ी तो इस नेटवर्क की कड़ियां गोरखपुर से बाहर तक पहुंचती दिखाई दीं. 15 सितंबर 2026 को कुशीनगर के कप्तानगंज थाना क्षेत्र में मोहम्मद आसिफ को अवैध पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया गया था. पुलिस के मुताबिक उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था. इसके बाद 26 सितंबर को गोरखनाथ थाना क्षेत्र में करन सोनकर को एक अवैध ऑटोमेटिक पिस्टल के साथ पकड़ा गया. अरुण कुमार के मुताबिक इन मामलों को भी हथियारों की सप्लाई से जुड़ी कड़ियों के तौर पर जांच में शामिल किया गया है.
सितंबर में बढ़ती गई गिरफ्तारियां
इसके बाद 30 सितंबर को कैंट पुलिस ने मुलायम निषाद उर्फ नितेश, शैलेंद्र निषाद, चंदन जायसवाल उर्फ लकी और 10 हजार रुपये के इनामी वीरू साहनी उर्फ गौरव को गिरफ्तार किया. पुलिस के मुताबिक इनके कब्जे से दो अवैध पिस्टल बरामद हुई थीं. सीओ अरुण कुमार ने बताया कि अलग-अलग जगह हुई इन गिरफ्तारियों और बरामद हथियारों को जोड़कर पुलिस पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है. जांच अब इस सवाल पर पहुंच गई थी कि हथियार सिर्फ गोरखपुर में ही सप्लाई हो रहे थे या इसके पीछे पूर्वांचल के कई इलाकों तक फैली कोई बड़ी चेन काम कर रही थी.
16 गिरफ्तारी, 16 हथियार मिले
सीओ कैंट अरुण कुमार ने बताया कि अब तक इस कथित असलहा तस्करी नेटवर्क से जुड़े 16 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. उनके मुताबिक आरोपियों के कब्जे से कुल 15 अवैध पिस्टल और एक अवैध तमंचा बरामद किया गया है. यानी पुलिस के मुताबिक अब तक 16 अवैध हथियार बरामद हो चुके हैं. अरुण कुमार ने बताया कि पूछताछ में यह बात सामने आई कि गिरफ्तार आरोपियों को एक ही गिरोह के माध्यम से अवैध पिस्टल उपलब्ध कराई गई थीं. इसी वजह से पुलिस अब हथियारों के स्रोत और सप्लाई चेन की पड़ताल में जुटी है.
अब असली सप्लायर की तलाश
अरुण कुमार ने बताया कि पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अवैध हथियार कहां से आते थे और इन्हें कौन उपलब्ध कराता था. पुलिस यह भी पता कर रही है कि गोरखपुर के अलावा पूर्वांचल के किन जिलों तक इस नेटवर्क की पहुंच थी. सीओ के मुताबिक हथियारों के स्रोत, सप्लाई रूट और अंतिम खरीदारों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है. खोराबार में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के साथ पुराने मामलों की बरामदगी और गिरफ्तारियों की जानकारी भी आपस में मिलाई जा रही है, ताकि नेटवर्क की पूरी तस्वीर सामने आ सके.
पूछताछ में आया बिश्नोई कनेक्शन
अब इस पूरी कहानी का सबसे बड़ा पहलू सामने आता है. सीओ कैंट अरुण कुमार ने बताया कि पूछताछ में इस असलहा नेटवर्क के तार बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों तक पहुंचने की बात सामने आई है. हालांकि अरुण कुमार के मुताबिक इस कनेक्शन को लेकर अंतिम तस्वीर विस्तृत जांच और साक्ष्यों के बाद ही साफ होगी. फिलहाल पुलिस उन लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, जो हथियारों की सप्लाई, खरीद और डिलीवरी की पूरी चेन में शामिल हैं. पुलिस के सामने अब इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड तक पहुंचने की चुनौती है.
अब मास्टरमाइंड की तलाश
गोरखपुर में शुरू हुई यह कार्रवाई अब एक बड़े सवाल तक पहुंच गई है. एक मुखबिर की सूचना पर खोराबार में दो युवक पकड़े गए और एक बाल अपचारी पुलिस अभिरक्षा में लिया गया. हथियार बरामद हुए तो जांच पुराने मामलों तक पहुंची. फिर कुशीनगर की कड़ी जुड़ी और पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारियों की संख्या 16 तक पहुंच गई. सीओ अरुण कुमार ने बताया कि इस नेटवर्क से अब तक 16 अवैध हथियार बरामद किए जा चुके हैं. अब पुलिस हथियारों के असली स्रोत और इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. जांच आगे बढ़ने के साथ तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है.
Source: TV21 Network






