बरेली/अलीगढ़: मथुरा में गौरक्षक के खिलाफ की गई पुलिस कार्रवाई पर हिंदू संगठनों में उबाल है. बरेली में आजाद हिंदू सेना ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया और जमकर प्रदर्शन किया गया. वहीं, दूसरी तरफ सड़क पर नमाज पढ़ने को लेकर हिंदू संगठन ने प्रशासन पर आरोप लगाए हैं.
आजाद हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित राठौर ने बताया कि प्रदेश में गौ तस्करी और गौ हत्या के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. पुलिस इन घटनाओं पर सख्ती दिखाने के बजाय गौ रक्षा में लगे लोगों के खिलाफ ही कार्रवाई कर रही है. उन्होंने इसे अन्यायपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे अपराधियों के हौसले बढ़ रहे हैं. आजाद हिंदू सेना ने मथुरा की हालिया घटना का जिक्र करते हुए कहा कि पुलिस की कार्रवाई से गौरक्षक समुदाय में रोष है.
संगठन का आरोप है कि निर्दोष लोगों को मुकदमों में फंसाकर परेशान किया जा रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. आजाद हिंदू सेना ने सरकार से मांग की है कि मथुरा प्रकरण में दर्ज मुकदमा तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए.
जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. साथ ही प्रदेश में गौ तस्करी रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की भी मांग की गई है. आजाद हिंदू सेना ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
अलीगढ़ में क्यों आक्रोश
विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों ने सड़क पर नमाज पढ़ने के मामले को गंभीर बताया है. परिषद ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है.
संगठन का कहना है कि शासन स्तर से स्पष्ट निर्देश जारी हैं कि सार्वजनिक सड़कों पर किसी भी प्रकार के धार्मिक आयोजन या नमाज की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. इसके बावजूद ईदगाह क्षेत्र में खुलेआम सड़क पर नमाज अदा की गई, जो नियमों की अनदेखी का स्पष्ट उदाहरण है.
पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि यह पूरी घटना प्रशासन की मौजूदगी में हुई, जिससे व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है. ज्ञापन देते हुए यह भी उल्लेख किया गया है कि मौके पर मौजूद एक मौलाना द्वारा कथित रूप से दिया गया बयान आपत्तिजनक था, जिससे माहौल और अधिक संवेदनशील हो गया.
संगठन के विभाग मंत्री मुकेश राजपूत और प्रतीक रघुवंशी ने कहा कि प्रशासन को इस मामले को हल्के में नहीं लेना चाहिए. यदि नियमों का पालन सुनिश्चित नहीं किया गया, तो इससे समाज में असंतोष बढ़ सकता है और विवाद की स्थिति पैदा हो सकती है. संगठन ने यह ज्ञापन एसीएम प्रथम विनीत मिश्रा को सौंपा. उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है.