आज भी ताजा लगता है यह प्रेम गीत
साल 1994 में रिलीज हुई फिल्म ‘1942: A Love Story’ का गीत ‘एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा’ हिंदी सिनेमा के सबसे यादगार रोमांटिक गीतों में शामिल है। तीन दशक से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी यह गाना हर उम्र के लोगों की पसंद बना हुआ है। पहली नजर के प्यार की भावना को जिस सादगी और खूबसूरती से इस गीत में पेश किया गया, वह आज भी श्रोताओं के दिलों को छू लेता है। यही वजह है कि यह गीत नई पीढ़ी की प्लेलिस्ट में भी अपनी जगह बनाए हुए है।
आर.डी. बर्मन की अमर धुन
इस गीत को महान संगीतकार राहुल देव बर्मन ने संगीतबद्ध किया था। फिल्म उनके निधन के बाद रिलीज हुई और इसे उनके करियर की सबसे यादगार कृतियों में गिना जाता है। इस फिल्म के संगीत ने एक बार फिर साबित किया कि उनकी धुनों का जादू समय के साथ और भी खास हो जाता है। उन्हें इस फिल्म के लिए मरणोपरांत सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक का फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिला।
शब्द और आवाज का अनोखा मेल
गीतकार जावेद अख्तर ने प्रेम को प्रकृति और खूबसूरत एहसासों से जोड़ते हुए ऐसे बोल लिखे, जो आज भी लोगों की जुबान पर हैं। वहीं कुमार सानू की मधुर आवाज ने इस गीत को अमर बना दिया। इस गाने के लिए कुमार सानू को लगातार पांचवां फिल्मफेयर पुरस्कार मिला, जबकि जावेद अख्तर को सर्वश्रेष्ठ गीतकार का सम्मान दिया गया।
अनिल कपूर और मनीषा की शानदार केमिस्ट्री
फिल्म में अनिल कपूर और मनीषा कोइराला की मासूम प्रेम कहानी ने इस गीत को और भी खास बना दिया। पहाड़ों की खूबसूरत लोकेशन, सरल फिल्मांकन और दोनों कलाकारों की स्वाभाविक अदाकारी ने दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ दिया। IMDb की ट्रिविया के अनुसार, शुरुआती दौर में इस गीत को किसी अन्य अभिनेत्री को ध्यान में रखकर लिखा गया था, लेकिन बाद में यह मनीषा कोइराला की पहचान बन गया।
क्यों आज भी लोगों की पसंद है यह गीत
आज भी जब ‘एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा’ बजता है, तो पुराने दौर की खूबसूरत यादें ताजा हो जाती हैं। संगीत, बोल, गायकी और अभिनय का ऐसा संतुलन बहुत कम गीतों में देखने को मिलता है। यही कारण है कि 32 साल बाद भी यह गीत रेडियो, म्यूजिक ऐप्स और सोशल मीडिया पर लगातार सुना जाता है और हिंदी सिनेमा के सर्वश्रेष्ठ प्रेम गीतों में अपनी खास जगह बनाए हुए है।






