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On: October 4, 2026 9:59 PM

दिल्ली-नोएडा से कैंची धाम जाने का सबसे आसान रास्ता, जानें कितने दिन का बनाएं प्लान, कहां-कहां घूमें?

दिल्ली-नोएडा से कैंची धाम जाने का आसान तरीका जानिए. कैंची धाम के साथ घोड़ाखाल, भीमताल, नौकुचियाताल और नैनीताल घूम सकते हैं. वीकेंड पर भीड़ और ट्रैफिक से परेशानी बढ़ सकती है, इसलिए आरामदायक यात्रा के लिए वीकडे में जाने की सलाह है.

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अगर आप दिल्ली-NCR में रहते हैं. कुछ दिनों के लिए पहाड़, शांति और धार्मिक यात्रा पर जाने की सोच रहे हैं, तो कैंची धाम आपके लिए सबसे बेस्ट ऑप्शन हो सकता है. बाबा नीम करोली महाराज से जुड़े इस आश्रम में देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं.

लेकिन अगर आप सिर्फ कैंची धाम जाकर वापस लौट आएंगे तो आसपास की कई खूबसूरत जगहें मिस कर सकते हैं. कैंची धाम के साथ घोड़ाखाल, भवाली, भीमताल, नौकुचियाताल और नैनीताल को आसानी से एक्सप्लोर कर सकते हैं.

जब आप दिल्ली-NCR से कैंची धाम जाने का प्लान बनाएंगे, तो सबसे आसान तरीका सड़क मार्ग से ही जाएं. अगर आप पहली बार जा रहे हैं तो यह रूट आपके लिए भी काफी सुविधाजनक हो सकता है.

दिल्ली-नोएडा से कैंची धाम कैसे पहुंचें?
दिल्ली या नोएडा से कैंची धाम जाने के लिए बस सबसे आसान तरीकों में से एक मानी जाती है. आप ऑनलाइन बस बुक कर सकते हैं. दिल्ली-NCR से हल्द्वानी या काठगोदाम तक बस आसानी से मिल जाती है.

अगर आपको कैंची धाम के लिए सीधी बस मिल जाए तो यह सबसे सुविधाजनक रहेगा. लेकिन अगर सीधी बस न मिले तो हल्द्वानी या काठगोदाम तक पहुंचकर वहां से शेयर कैब या टैक्सी ली जा सकती है.

काठगोदाम कैंची धाम और आसपास के पहाड़ी इलाकों के लिए एक महत्वपूर्ण कनेक्टिंग पॉइंट है. भीमताल के लिए भी काठगोदाम से बस और टैक्सी की सुविधा मिलती है. अगर आप ट्रेन से जाना चाहते हैं तो काठगोदाम तक ट्रेन से भी जा सकते हैं. उसके बाद सड़क मार्ग से कैंची धाम पहुंचा जा सकता है.

कैंची धाम पहुंचकर क्या करें?
कैंची धाम इस यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव है. यहां बाबा नीम करोली महाराज का आश्रम और हनुमान मंदिर है. उत्तराखंड पर्यटन के अनुसार कैंची धाम की स्थापना नीम करोली बाबा ने 1962 में की थी.

यहां पहुंचकर सबसे पहले दर्शन करें. कुछ समय शांत वातावरण में बिताएं. यहां भीड़ के हिसाब से आपका समय बदल सकता है, इसलिए बहुत जल्दी पहुंचना बेहतर रहता है.

कैंची धाम के आसपास बाबा नीम करोली से जुड़ी गुफा का भी के बारे में भी जानकारी मिलती है. यही वजह है कि यह जगह धार्मिक यात्रा के साथ-साथ आध्यात्मिक अनुभव के लिए भी खास मानी जाती है.

कैंची धाम के बाद सीधे कहां जाएं?
अगर आपने सुबह कैंची धाम के दर्शन कर लिए हैं तो इसके बाद घोड़ाखाल जाना एक अच्छा विकल्प है.

  1. घोड़ाखाल गोलू देवता मंदिर
    कैंची धाम के बाद घोड़ाखाल का गोलू देवता मंदिर जा सकते हैं. यह मंदिर अपनी हजारों घंटियों के लिए प्रसिद्ध है.

मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में घंटियां दिखाई देती हैं. स्थानीय मान्यता के अनुसार श्रद्धालु मनोकामना पूरी होने के बाद यहां घंटी चढ़ाते हैं.

इसलिए अगर आप धार्मिक और स्थानीय संस्कृति से जुड़ी जगहें देखना चाहते हैं, तो घोड़ाखाल को अपनी लिस्ट में जरूर रखें.

  1. भवाली में थोड़ा समय बिताएं
    घोड़ाखाल के बाद भवाली की तरफ बढ़ सकते हैं. भवाली कैंची धाम और नैनीताल के बीच एक महत्वपूर्ण पड़ाव है.

यहां पहाड़ी बाजार, आसपास के नजारे और शांत वातावरण आपको पसंद आ सकता है. भवाली के आसपास ट्रैकिंग और कैंपिंग जैसी गतिविधियों के विकल्प भी मौजूद हैं.

अगर आपके पास ज्यादा समय है, तो यहां आसपास के इलाकों को भी अपनी यात्रा में शामिल कर सकते हैं.

  1. भीमताल- कैंची धाम के बाद सबसे अच्छा पड़ाव

अगर आप धार्मिक यात्रा के साथ प्राकृतिक खूबसूरती देखना चाहते हैं तो भीमताल जरूर जाएं.

भीमताल अपनी बड़ी झील और चारों तरफ फैली पहाड़ियों के लिए जाना जाता है. यहां झील में बोटिंग कर सकते हैं और कुछ समय आराम से बैठकर पहाड़ों का आनंद ले सकते हैं. भीमताल में सिर्फ झील ही नहीं, बल्कि कई और जगहें देखने लायक हैं.

भीमताल में क्या-क्या देखें?

  1. भीमताल झील
  2. विक्टोरिया डैम
  3. भीमेश्वर मंदिर
  4. भीमताल आइलैंड एक्वेरियम
  5. नल दमयंती ताल
  6. आसपास के जंगल और वॉकिंग ट्रेल
  7. पैराग्लाइडिंग

उत्तराखंड पर्यटन के अनुसार, भीमताल से करीब 4 किलोमीटर दूर नौकुचियाताल भी है, इसलिए समय हो तो इसे भी ट्रिप में जोड़ा जा सकता है.

  1. नौकुचियाताल
    नौकुचियाताल अपनी नौ कोनों वाली झील के लिए जाना जाता है. यहां बोटिंग के साथ रोइंग, पैडलिंग और कुछ एडवेंचर एक्टिविटी के विकल्प भी मिलते हैं. अगर आपको शांत जगहों पर घूमना और फोटो लेना पसंद है तो नौकुचियाताल भी काफी अच्छा पड़ाव हो सकता है.
  2. सातताल
    अगर आपके पास थोड़ा अतिरिक्त समय है तो सातताल भी जा सकते हैं. यह कई झीलों का समूह है और चारों तरफ हरियाली और पहाड़ इसे खास बनाते हैं. अगर आपकी यात्रा का उद्देश्य सिर्फ मंदिरों के दर्शन नहीं बल्कि प्रकृति को करीब से महसूस करना है, तो भीमताल + नौकुचियाताल + सातताल को एक साथ प्लान बना सकते हैं.

इसके बाद जाएं नैनीताल

  1. कैंची धाम की यात्रा को पूरा करने के लिए नैनीताल सबसे अच्छा अंतिम पड़ाव हो सकता है.
  2. नैनीताल में सबसे पहले नैनी झील और नैना देवी मंदिर जा सकते हैं.

नैनीताल में ये जगहें जरूर देखें

  1. नैनी झील: यहां बोटिंग कर सकते हैं और शाम के समय झील के आसपास घूमने का अलग ही अनुभव है.
  2. नैना देवी मंदिर: नैनी झील के किनारे स्थित यह प्रसिद्ध धार्मिक स्थल नैनीताल की पहचान का हिस्सा है.
  3. मॉल रोड: शाम के समय यहां घूमना, स्थानीय सामान खरीदना और पहाड़ी खाने का स्वाद लेना यात्रा को और खास बना सकता है.
  4. स्नो व्यू प्वाइंट: मौसम साफ होने पर यहां से हिमालय की चोटियों का खूबसूरत नजारा देखा जा सकता है.
  5. टिफिन टॉप: पहाड़ों और नैनीताल के खूबसूरत व्यू के लिए यह भी लोकप्रिय जगह है.
  6. इको केव गार्डन: परिवार और बच्चों के साथ यात्रा कर रहे हैं तो इसे भी घूम सकते हैं.
  7. हाई अल्टीट्यूड जू: अगर आपके पास पर्याप्त समय है तो यह भी देखा जा सकता है.

उत्तराखंड पर्यटन की आधिकारिक जानकारी में नैनीताल के साथ स्नो व्यू प्वाइंट, टिफिन टॉप, नैनीताल जू, इको केव गार्डन, नैनी झील और नैना देवी मंदिर को प्रमुख आकर्षणों में शामिल किया गया है.

वीकेंड पर कैंची धाम जाने से बचें
इस यात्रा में मेरी सबसे जरूरी सलाह यही है कि अगर संभव हो तो शनिवार-रविवार के बजाय सोमवार से शुक्रवार के बीच कैंची धाम जाएं.

वीकेंड पर पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से आपको रास्ते में ट्रैफिक, पार्किंग, होटल और स्थानीय आवाजाही से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.

खासकर अगर आपका प्लान कैंची धाम के साथ भीमताल और नैनीताल घूमने का भी है, तो वीकेंड पर आपको ज्यादा समय ट्रैफिक और भीड़ में निकल सकता है.

इसके मुकाबले सामान्य वीकडे पर यात्रा अपेक्षाकृत आराम से की जा सकती है. मंदिर में दर्शन, आसपास घूमना और होटल में चेक-इन जैसे काम भी कम भागदौड़ में हो सकते हैं.

इसलिए मेरी सलाह है कि अगर आपके पास छुट्टी चुनने की आजादी है तो वीकेंड को छोड़कर किसी भी दिन का प्लान बनाएं.

कितने दिन का प्लान बनाएं?
अगर आपके पास सिर्फ 2 दिन हैं
दिन 1:
दिल्ली/नोएडा → हल्द्वानी/काठगोदाम → कैंची धाम → घोड़ाखाल → भवाली → भीमताल
दिन 2:
भीमताल → नौकुचियाताल → नैनीताल → नैना देवी मंदिर → नैनी झील → मॉल रोड → वापसी

अगर 3 दिन हैं तो यात्रा ऐसी होगी
दिन 1:
दिल्ली/नोएडा → काठगोदाम/हल्द्वानी → कैंची धाम → घोड़ाखाल → भीमताल
दिन 2: भीमताल → नौकुचियाताल → सातताल → नैनीताल
दिन 3: नैना देवी मंदिर → नैनी झील → स्नो व्यू प्वाइंट → टिफिन टॉप/इको केव गार्डन → मॉल रोड → वापसी

कहां रुकें?
अगर आपका मुख्य उद्देश्य कैंची धाम के दर्शन हैं तो आसपास रुकने के विकल्प देख सकते हैं. लेकिन अगर आप कैंची धाम के साथ नैनीताल भी घूमना चाहते हैं तो नैनीताल में रुकना ज्यादा सुविधाजनक हो सकता है.

नैनी झील और मॉल रोड के आसपास होटल लेने से शाम को घूमने के लिए अलग से लंबी यात्रा नहीं करनी पड़ेगी.

अगर बजट कम रखना चाहते हैं तो होटल पहले से बुक करना बेहतर रहेगा, खासकर छुट्टियों और वीकेंड के दौरान.

कितना खर्च आएगा?

  1. यात्रा का खर्च आपके बस टिकट, होटल, कैब, खाने और कितनी जगह घूमते हैं, इस पर निर्भर करेगा.
  2. दो लोगों के लिए सामान्य बजट में यात्रा की जाए तो करीब ₹5-6 हजार से शुरुआत की जा सकती है, लेकिन यह बजट मौसम, होटल की कीमत, ट्रांसपोर्ट और आपके घूमने के तरीके के हिसाब से काफी बदल सकता है.
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