Mukesh Ambani First Business: आज मुकेश अंबानी का नाम दुनिया के बड़े कारोबारियों में लिया जाता है. Reliance को पेट्रोकेमिकल से लेकर टेलीकॉम और रिटेल तक बड़ा बनाने में उनकी बड़ी भूमिका रही है. लेकिन एक सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है कि आखिर मुकेश अंबानी ने अपनी पहली कंपनी कौन सी शुरू की थी? क्या उन्होंने भी दूसरे कारोबारियों की तरह किसी छोटे बिजनेस से शुरुआत की थी? इसका जवाब थोड़ा अलग है.
दरअसल, मुकेश अंबानी ने अपनी पहली कंपनी खुद से शुरू नहीं की थी. उनका कारोबारी सफर पिता धीरूभाई अंबानी की कंपनी Reliance में शामिल होने के साथ शुरू हुआ. साल 1981 में उन्होंने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की MBA पढ़ाई बीच में छोड़ी और भारत लौट आए. इसके बाद उन्हें Reliance के एक बड़े प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी मिली. यहीं से उनके कारोबारी सफर का असली दौर शुरू हुआ.
Reliance से कैसे जुड़े मुकेश अंबानी
मुकेश अंबानी के पिता धीरूभाई अंबानी ने Reliance की नींव रखी थी. शुरुआती दौर में यह कारोबार ट्रेडिंग से जुड़ा था और आगे चलकर Reliance Industries Limited यानी RIL के रूप में बड़ा हुआ. मुकेश अंबानी ने 1981 में पारिवारिक कारोबार में कदम रखा. उस समय वह अमेरिका की Stanford University में MBA की पढ़ाई कर रहे थे. पिता के बुलाने पर उन्होंने पढ़ाई बीच में छोड़ी और भारत वापस आ गए. इसके बाद उनकी जिम्मेदारी सिर्फ कंपनी में काम करने तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्हें एक बड़े निर्माण प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने का काम मिला.
पहला बड़ा काम कहां मिला था
भारत लौटने के बाद मुकेश अंबानी को Reliance के पॉलिएस्टर फाइबर यार्न यानी PFY प्रोडक्शन प्लांट के निर्माण की जिम्मेदारी मिली. यह प्रोजेक्ट गुजरात के पातालगंगा में लगाया जा रहा था. उस समय यह Reliance के लिए एक बड़ा काम था. मुकेश अंबानी ने इस प्रोजेक्ट को लीड किया और यहीं से कंपनी के कामकाज को करीब से समझना शुरू किया. यानी उनकी पहली बड़ी कारोबारी जिम्मेदारी किसी नई कंपनी को खोलना नहीं, बल्कि पिता की कंपनी के एक बड़े प्रोजेक्ट को संभालना थी.
पहली कंपनी को लेकर क्यों भ्रम है
मुकेश अंबानी की पहली कंपनी को लेकर भ्रम इसलिए होता है क्योंकि लोग उनकी पहली कारोबारी जिम्मेदारी और पहली कंपनी को एक ही बात मान लेते हैं. असल में Reliance की स्थापना मुकेश अंबानी ने नहीं की थी. इसे उनके पिता धीरूभाई अंबानी ने शुरू किया था. इसलिए अगर सवाल यह है कि मुकेश अंबानी ने अपनी पहली कंपनी कौन सी बनाई थी, तो जवाब है कि उन्होंने शुरुआत में अपनी अलग कंपनी नहीं बनाई थी. उन्होंने 1981 में Reliance के कारोबार में शामिल होकर अपना सफर आगे बढ़ाया.
पढ़ाई छोड़कर कारोबार में आए
मुकेश अंबानी की पढ़ाई का सफर भी इस कहानी का अहम हिस्सा है. उन्होंने भारत में केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी और इसके बाद अमेरिका की Stanford University में MBA के लिए दाखिला लिया था. लेकिन साल 1981 में पिता धीरूभाई अंबानी ने उन्हें कारोबार में वापस बुला लिया. इसके बाद उन्होंने MBA की पढ़ाई पूरी नहीं की और भारत लौट आए. उस समय उन्हें जो जिम्मेदारी मिली, वह आगे चलकर उनके कारोबारी सफर की अहम शुरुआत बनी.
यहीं से बदली कारोबारी दिशा
Reliance में आने के बाद मुकेश अंबानी ने कंपनी के कामकाज को जमीन से समझा. पॉलिएस्टर फाइबर यार्न प्लांट के प्रोजेक्ट ने उन्हें बड़े स्तर पर निर्माण और कंपनी चलाने का अनुभव दिया. आगे चलकर Reliance के विस्तार में उनकी भूमिका बढ़ती गई. लेकिन शुरुआत की कहानी पर नजर डालें तो तस्वीर काफी सीधी है. उन्होंने अपनी पहली कंपनी खोलकर कारोबार शुरू नहीं किया था. उन्होंने पिता के बनाए कारोबार में कदम रखा और वहीं से अपनी पहचान बनाने का सफर शुरू किया.
आज की Reliance तक सफर
आज Reliance Industries Limited एक बहुत बड़ा कारोबारी समूह है और मुकेश अंबानी इसके चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं. लेकिन उनकी शुरुआत को समझने के लिए 1981 का वह दौर सबसे अहम है. उस समय वह एक छात्र थे, फिर पिता के कहने पर पढ़ाई बीच में छोड़कर भारत लौटे और Reliance के बड़े प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी संभाली. इसलिए मुकेश अंबानी की पहली कंपनी पूछने पर Reliance का नाम जरूर आता है, लेकिन यह समझना जरूरी है कि Reliance उन्होंने शुरू नहीं की थी. उन्होंने इसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी संभाली थी.





