बचपन में दादा-दादी की कहानी में एक बात जरूर होती थी. रास्ता कितना भी लंबा हो, हौसला बड़ा हो तो मंजिल दूर नहीं रहती. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देश के सामने ऐसे ही बड़े सपनों की तस्वीर रखी. दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में 25 साल की अपनी यात्रा का जिक्र करते हुए उन्होंने बार-बार एक ही भरोसा दोहराया. ‘वी विल डू इट’ (We Will Do It). यानी हम करके रहेंगे. मोदी ने इसे देश के बड़े लक्ष्यों को पूरा करने का संकल्प बताया.
- हम करके रहेंगे (We Will Do It)
पीएम मोदी ने देशवासियों के सामने बड़े लक्ष्यों को लेकर ‘We Will Do It’ का नारा दिया. उन्होंने कहा कि भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए जिस ऊर्जा और आत्मविश्वास की जरूरत है, वह देश में दिखाई दे रहा है. उनका कहना था कि जब ये बातें लोगों के भीतर जुनून बनकर दौड़ती हैं, तो किसी भी लक्ष्य को हासिल करने से भारत को कोई रोक नहीं सकता. यही भरोसा उनके बताए बाकी पांच बड़े संकल्पों की बुनियाद बना. - विकसित भारत बाय 2047 (Developed India by 2047)
मोदी ने सबसे पहले Developed India by 2047 का संकल्प सामने रखा. उन्होंने लोगों से कहा, ‘वी विल डू इट.’ यानी 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य पूरा करने का भरोसा. प्रधानमंत्री ने इस सपने को सिर्फ सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि देश के लोगों के सामूहिक प्रयास से जुड़ा संकल्प बताया. उनके संदेश में साफ था कि आने वाले वर्षों में भारत को नई बुलंदियों तक पहुंचाने के लिए हर नागरिक की भागीदारी जरूरी होगी. - तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी (Third Largest Economy)
इसके बाद पीएम मोदी ने भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी (Third Largest Economy) बनाने का संकल्प दोहराया. उन्होंने इसके साथ भी वही भरोसा जोड़ा, ‘वी विल डू इट.’ यानी लक्ष्य बड़ा है, लेकिन उसे हासिल करने का विश्वास भी उतना ही मजबूत है. मोदी ने अपने भाषण में 2014 के दौर को याद करते हुए कहा कि तब देश की अर्थव्यवस्था को लेकर निराशा का माहौल था, लेकिन लोगों के साथ मिलकर तस्वीर बदली गई. - आत्मनिर्भर भारत (Atmanirbhar Bharat)
मोदी के छह नारों में अगला बड़ा संकल्प आत्मनिर्भर भारत (Atmanirbhar Bharat) का रहा. उन्होंने कहा, ‘वी विल डू इट.’ यानी भारत को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य भी मिलकर पूरा किया जाएगा. उनके भाषण में देश की बदलती तस्वीर के उदाहरण भी सामने आए. मोदी ने कहा कि आज Made in India फोन का जलवा है. उन्होंने यह भी कहा कि जहां कभी ब्लैकआउट सुर्खियां बनते थे, आज वहां Solar Power की चर्चा होती है.
- ओलंपिक्स का आयोजन (Olympics Hosting)
पीएम मोदी ने भारत में ओलंपिक्स के आयोजन (Olympics Hosting) का सपना भी सामने रखा. उन्होंने इस लक्ष्य के साथ भी कहा, ‘वी विल डू इट.’ यानी भविष्य में भारत ओलंपिक जैसे दुनिया के बड़े खेल आयोजन की मेजबानी करेगा. मोदी ने इसे उन बड़े सपनों में शामिल किया, जिन्हें देश को मिलकर पूरा करना है. उनके मुताबिक बड़े सपने देखने के साथ उन्हें हासिल करने का आत्मविश्वास भी जरूरी है. इसी विश्वास को उन्होंने ‘वी विल डू इट’ के जरिए लोगों से साझा किया.
- अंतरिक्ष में कदम (India in Space)
छठा संकल्प भारत की अंतरिक्ष में नई उड़ान (India in Space) से जुड़ा है. पीएम मोदी ने कहा, ‘अंतरिक्ष में कदम, वी विल डू इट.’ यानी भारत अंतरिक्ष के क्षेत्र में भी नए लक्ष्य हासिल करेगा. अपने भाषण में उन्होंने चंद्रयान का जिक्र करते हुए कहा कि इस मिशन ने उन्हें असफलता से उठकर आगे बढ़ना सिखाया. इस तरह मोदी ने छह नारों के जरिए एक ऐसी तस्वीर सामने रखी, जिसमें विकसित भारत, मजबूत अर्थव्यवस्था, आत्मनिर्भरता, खेल और अंतरिक्ष के बड़े लक्ष्य शामिल हैं.





