India vs England T20 Series: भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टी-20 सीरीज का पहला मुकाबला चेस्टर ले स्ट्रीट में खेला जा रहा है. इस मैच में टीम इंडिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. हालांकि, सबसे ज्यादा चर्चा 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर रही, क्योंकि उन्हें पहले टी-20 मुकाबले की प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली. इससे पहले आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी-20 सीरीज में भी उन्हें मौका नहीं मिला था. उस सीरीज में भारत को 2-0 से हार का सामना करना पड़ा था. अब इंग्लैंड के खिलाफ नई शुरुआत की उम्मीद के बीच वैभव के डेब्यू का इंतजार और लंबा हो गया.
पहले टी-20 मुकाबले के लिए भारतीय टीम में संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, तिलक वर्मा, हर्षित राणा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, रवि बिश्नोई, अर्शदीप सिंह और वरुण चक्रवर्ती को मौका दिया गया है. वैभव सूर्यवंशी का नाम एक बार फिर अंतिम ग्यारह में नहीं दिखा. दूसरी ओर इंग्लैंड भी अपनी पिछली टेस्ट सीरीज में न्यूजीलैंड से हारकर इस टी-20 सीरीज में उतरा है. टीम को हाल ही में टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स के संन्यास का भी सामना करना पड़ा. ऐसे में दोनों टीमें इस सीरीज की शुरुआत जीत के साथ करना चाहती हैं.
गावस्कर ने किया समर्थन
मैच से पहले पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने माना था कि भारत के मजबूत और पहले से तय शीर्ष क्रम में वैभव सूर्यवंशी को जगह देना आसान नहीं होगा. लेकिन उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी-20 मैच में इस किशोर खिलाड़ी को डेब्यू कराने की वकालत की थी. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, गावस्कर का मानना है कि सीनियर खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम में बिताया गया समय उनके लिए काफी उपयोगी रहा है और वह इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी-20 सिरीज में सरप्राइज पैकेज साबित हो सकते हैं. उन्होंने कहा, “मैं उम्मीद करता हूं कि वह पहला मैच खेलें, क्योंकि यह नई सिरीज की शुरुआत होगी और वह टीम को तेज शुरुआत दिला सकते हैं. आयरलैंड के खिलाफ सिरीज हारने के बाद वापसी का इससे बेहतर तरीका नहीं हो सकता.”
ओपनिंग को लेकर दुविधा
सुनील गावस्कर ने यह भी कहा, “उन्हें टीम में फिट करना आसान नहीं होगा, क्योंकि अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन दोनों ने शानदार प्रदर्शन किया है. आप ऐसी ओपनिंग साझेदारी को तोड़ना नहीं चाहेंगे जिसने लगातार अच्छे नतीजे दिए हैं.” गावस्कर ने कहा कि, वैभव की सबसे बड़ी ताकत यही है कि इंग्लैंड के गेंदबाजों ने अभी तक उन्हें करीब से नहीं देखा है. जबकि भारतीय टीम के बाकी बल्लेबाजों के खेल को इंग्लैंड आयरलैंड सीरीज के जरिए समझ चुका है. ऐसे में अगर वैभव को मौका मिलता है तो वह विपक्षी टीम के लिए बड़ा सरप्राइज साबित हो सकते हैं.
बटलर और ब्रूक की तैयारी
इंग्लैंड क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान जोस बटलर ने कहा था कि वैभव सूर्यवंशी को खेलने का मौका मिल सकता है क्योंकि अभी 5 मैच हैं. जोस बटलर ने कहा, “मैंने अपने गेंदबाज़ों से कहा कि अगर वह खेलता है, तो शायद वह अपनी पहली ही गेंद पर छक्का मारने की कोशिश करेगा, इसलिए उन्हें एक प्लान के साथ तैयार रहना चाहिए. वह पहले ही जसप्रीत बुमराह, पैट कमिन्स और जोश हेजलवुड जैसे गेंदबाजों का सामना कर चुका है, इसलिए हमें पता है कि वह निडर है.” वहीं इंग्लैंड टी-20 टीम के कप्तान हैरी ब्रूक ने कहा था, “जाहिर है कि वो बहुत ही बढ़िया खिलाड़ी हैं. 15 साल की उम्र में उन्होंने जो कुछ कर लिया है वो कमाल का है. हम उसके खिलाफ खेलने के लिए उत्सुक हैं. अगर वह खेलते हैं तो हमारे पास योजना है. हमें पर्दे के पीछे काम करते रहना है ताकि हमें जीत का मौका मिले.”
सचिन का रिकॉर्ड निशाने पर
वैभव सूर्यवंशी अभी सिर्फ 15 साल के हैं, लेकिन इतनी कम उम्र में उन्होंने क्रिकेट जगत में अलग पहचान बना ली है. साल 2025 में राजस्थान रॉयल्स की ओर से उन्होंने 14 साल की उम्र में आईपीएल में डेब्यू किया था और तब से लगातार उनकी चर्चा हो रही है. अगर आने वाले मैचों में उन्हें भारतीय टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय डेब्यू का मौका मिलता है तो वह भारत की पुरुष टीम के सबसे कम उम्र के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बन सकते हैं. फिलहाल यह रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम है, जिन्होंने साल 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ 16 साल की उम्र में अपना पहला टेस्ट मैच खेला था. ऐसे में क्रिकेट प्रेमियों की नजर अब सीरीज के बाकी मुकाबलों पर टिकी रहेगी.










