Leh Violent Protest: लेह में बुधवार को हालात बिगड़ गए, जब लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग पर छात्रों का प्रदर्शन हिंसक हो गया. पुलिस और सुरक्षाबलों से झड़प में 4 लोगों की मौत हो गई और 70 से ज्यादा लोग घायल हुए. प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया और गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया. हालात को देखते हुए प्रशासन ने रैली और प्रदर्शन पर पाबंदी लगा दी है.
यह आंदोलन लद्दाख के सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के समर्थन में किया गया. वांगचुक पिछले 15 दिनों से भूख हड़ताल पर थे. सरकार की ओर से मांगें पूरी न होने पर छात्रों और स्थानीय संगठनों ने लेह बंद बुलाया था. इसी दौरान प्रदर्शन उग्र हो गया और माहौल तनावपूर्ण हो गया.
प्रदर्शनकारियों का क्या आरोप
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि केंद्र सरकार ने 2019 में अनुच्छेद 370 और 35A हटाते समय भरोसा दिलाया था कि हालात सामान्य होने पर लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलेगा. लेकिन अब तक यह वादा पूरा नहीं हुआ. इसी नाराजगी को लेकर आंदोलन तेज किया जा रहा है. वांगचुक ने हिंसा के बाद अनशन तोड़ते हुए कहा कि अगली बैठक 6 अक्टूबर को दिल्ली में होगी.
सोशल मीडिया से जुटाई भीड़
सोशल मीडिया के जरिए भीड़ जुटाई गई थी. 24 सितंबर को लद्दाख बंद का आह्वान किया गया और लोगों से लेह हिल काउंसिल पहुंचने की अपील की गई. बुधवार को भारी संख्या में लोग पहुंचे. जब पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेड्स लगाए और आंसू गैस छोड़ी, तो प्रदर्शनकारियों ने पलटवार करते हुए पुलिस की गाड़ियां जला दीं और तोड़फोड़ की.