तेज बारिश से बदला भीखेपुर बाजार का नजारा
उत्तर प्रदेश के औरैया जिले अंतर्गत अजीतमल क्षेत्र के प्रसिद्ध भीखेपुर बाजार में अचानक हुई तेज बारिश ने दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। बारिश के कारण पूरे बाजार में देखते ही देखते जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। दैनिक उपयोग की वस्तुओं और सब्जियों की बिक्री के लिए प्रसिद्ध इस स्थानीय हाट-बाजार में हर तरफ पानी और कीचड़ फैल गया। बारिश का पानी दुकानों और अस्थाई फड़ों तक पहुंच जाने से व्यापार पूरी तरह ठप पड़ गया। जलजमाव होने की वजह से बाजार में खरीदारी करने आए ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा और पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
तिरपाल के सहारे सामान बचाते नजर आए व्यापारी
भीखेपुर बाजार में लगने वाले अधिकांश फड़ और दुकानें अस्थाई रूप से पॉलीथिन व प्लास्टिक के तिरपाल के सहारे लगाई जाती हैं। बारिश शुरू होते ही पानी तिरपाल के ऊपर से होकर दुकानों के अंदर गिरने लगा, जिससे दुकानदारों की रखी हुई सब्जियां और अन्य सामान भीग कर खराब हो गए। विक्रेता अपने माल को बचाने के लिए काफी मशक्कत करते हुए देखे गए। सड़क किनारे खड़ी बाइकें और अन्य वाहन भी जलजमाव की चपेट में आ गए। जलभराव के कारण दुकानदारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है, जिससे छोटे कारोबारियों के चेहरे पर मायूसी साफ तौर पर दिखाई दे रही है।

जलभराव और कीचड़ से थमी खरीदारों की रफ्तार
बाजार परिसर में पानी के जमाव और कच्चे रास्तों पर फैली कीचड़ की वजह से आवागमन पूरी तरह से प्रभावित हुआ है। दोपहिया वाहन चालकों को पानी से भरे रास्तों से निकलने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। अनेक स्थानों पर नालियों की समुचित व्यवस्था न होने के कारण बारिश का गंदा पानी सड़कों पर इकट्ठा हो गया, जिससे पैदल चलने वाले ग्राहकों के लिए रास्ता पार करना मुश्किल हो गया। इस अव्यवस्था के चलते आम दिनों की तुलना में बाजार में खरीदारों की संख्या में अचानक भारी कमी दर्ज की गई, जिससे पूरे दिन व्यापारिक गतिविधियां सुस्त बनी रहीं।
बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे स्थानीय दुकानदार
भीखेपुर अजीतमल का यह बाजार आसपास के दर्जनों गांवों के लिए दैनिक जरूरतों की पूर्ति का एक प्रमुख केंद्र माना जाता है। इसके बावजूद बाजार क्षेत्र में पक्की नालियों और समुचित जल निकासी की व्यवस्था का न होना लंबे समय से एक गंभीर समस्या बना हुआ है। हर बार हल्की सी बारिश होते ही बाजार की सड़कें जलमग्न हो जाती हैं और स्थिति बदतर हो जाती है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि जलभराव की इस स्थाई समस्या के कारण उन्हें हर मानसून सीजन में भारी नुकसान उठाना पड़ता है, लेकिन समस्या के समाधान के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

व्यापारियों ने प्रशासन से की पक्की व्यवस्था की मांग
बाजार में लगातार हो रही जलभराव की समस्या से परेशान होकर स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि बाजार क्षेत्र में नालियों का निर्माण और पक्की सड़कों का सुदृढ़ीकरण कर दिया जाए, तो बारिश के दिनों में जलभराव की इस गंभीर स्थिति से राहत मिल सकती है। स्थानीय निवासियों ने जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताई है ताकि भविष्य में व्यापारियों और आम जनता को इस प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।






