स्वच्छ हवा को लेकर सरकार की पहल
स्वच्छ वायु दिवस के मौके पर केंद्र सरकार ने देश में वायु प्रदूषण कम करने के लिए चलाए जा रहे प्रयासों को सामने रखा। 7 सितंबर 2022 को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने ‘स्वच्छ वायु दिवस’ का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों में साफ हवा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और प्रदूषण कम करने के लिए स्थानीय स्तर पर किए जा रहे प्रयासों को गति देना था। इस दौरान राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम यानी National Clean Air Programme (NCAP) के तहत किए जा रहे कामों और अलग-अलग शहरों में अपनाए गए उपायों की जानकारी दी गई।
131 शहरों में चल रहा एयर क्वालिटी मिशन
सरकार के अनुसार National Clean Air Programme जनवरी 2019 में शुरू किया गया था। इसके तहत देश के 131 शहरों में वायु प्रदूषण कम करने की योजना बनाई गई। इन शहरों में वाहनों से होने वाला प्रदूषण, सड़क की धूल, निर्माण कार्य, औद्योगिक गतिविधियां, थर्मल पावर प्लांट और कचरा जलाने जैसी वजहों पर काम किया जा रहा है। इन शहरों ने अपने-अपने City Action Plans और Micro Action Plans तैयार किए हैं। कार्यक्रम का लक्ष्य पार्टिकुलेट मैटर की मात्रा को कम करना और शहरों में हवा की गुणवत्ता में सुधार लाना है।
95 शहरों में प्रदूषण स्तर में सुधार
स्वच्छ वायु दिवस के कार्यक्रम में सरकार ने बताया कि 2021-22 के दौरान 95 शहरों में पार्टिकुलेट मैटर की स्थिति में 2017 की तुलना में सुधार दर्ज किया गया। इनमें से 20 शहर ऐसे थे जो राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों के अनुरूप रहे। सरकार ने अलग-अलग शहरों में किए गए स्थानीय प्रयासों को भी साझा किया। इनमें पुणे और बेंगलुरु में परिवहन से होने वाले प्रदूषण को कम करने, श्रीनगर, वाराणसी और तूतूकुड़ी में ठोस कचरा प्रबंधन तथा हैदराबाद में हरियाली बढ़ाने जैसे प्रयास शामिल थे।

PRANA पोर्टल से हो रही निगरानी
सरकार ने बताया कि National Clean Air Programme के तहत योजनाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति की निगरानी PRANA पोर्टल के माध्यम से की जाती है। इस पोर्टल का पूरा नाम Portal for Regulation of Air Pollution in Non-attainment Cities है। कार्यक्रम में राज्यों के Pollution Control Boards और स्थानीय प्रशासन को भी जोड़ा गया है। पर्यावरण मंत्रालय ने क्षमता निर्माण, जन-जागरूकता और NCAP के तहत मिलने वाली राशि के उपयोग से जुड़े दिशा-निर्देश भी जारी किए। इसका उद्देश्य शहरों में प्रदूषण के स्रोतों की पहचान कर स्थानीय जरूरत के अनुसार समाधान लागू करना है।
साफ हवा के लिए स्थानीय स्तर पर जोर
कार्यक्रम में तत्कालीन केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने स्वच्छ हवा को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए स्थानीय लोगों की भागीदारी और संसाधनों के समझदारी से इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने LiFE Mission के तहत पर्यावरण और विकास को साथ लेकर चलने की बात कही। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 7 सितंबर को International Day of Clean Air for Blue Skies के रूप में निर्धारित किया है। इस पहल का उद्देश्य साफ हवा को लेकर जागरूकता बढ़ाना और प्रदूषण से निपटने के लिए राष्ट्रीय तथा क्षेत्रीय स्तर पर कार्रवाई को बढ़ावा देना है।









