ब्रेकिंग न्यूज़

---Advertisement---
On: October 5, 2026 12:12 PM

लखनऊ बाढ़: बारिश थमी, फिर भी क्यों बढ़ रहा गोमती का जलस्तर? फैजुल्लागंज में 40 हजार घर डूबे

लखनऊ में बारिश थमने के बावजूद गोमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. फैजुल्लागंज में 40 हजार घरों में पानी पहुंच चुका है. आखिर बारिश रुकने के बाद भी लखनऊ क्यों डूब रहा है और पहाड़ों से आने वाला पानी कैसे बढ़ा रहा है संकट?

WhatsApp Join
📢 TV 21 Network से जुड़ें | रिपोर्टर बनें | खबर, फोटो व वीडियो भेजें | विज्ञापन और प्रमोशन के लिए WhatsApp करें: 7060266536

lucknow flood

लखनऊ में बाढ़ का पानी अब घरों की देहरी तक पहुंच चुका है. गोमती नदी सातवें दिन भी चढ़ती जा रही है और फैजुल्लागंज में हालात सबसे ज्यादा बिगड़े हुए हैं. कृष्ण लोक कॉलोनी से लेकर नंदपुरम तक पानी फैल गया है. करीब 40 हजार घरों में 4 से 5 फीट तक पानी भरने की बात सामने आई है. करीब 3 लाख लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं. हर दिन 2 हजार से ज्यादा लोग अपना घर छोड़कर दूसरे मोहल्लों या रिश्तेदारों के यहां जा रहे हैं. सड़कों पर अब नाव चल रही हैं.

फैजुल्लागंज की गलियों में जैसे जिंदगी की चाल ही बदल गई है. जिन घरों में पानी घुस चुका है, वहां लोग सामान समेटकर निकल रहे हैं. जिन घरों में अभी पानी नहीं पहुंचा, वहां भी चैन नहीं है. लोग घरों के बाहर अस्थायी दीवारें खड़ी कर रहे हैं, ताकि पानी किसी तरह दरवाजे तक ही रुक जाए. कृष्ण लोक कॉलोनी से नंदपुरम तक यही तस्वीर दिखाई दे रही है. बाढ़ का पानी धीरे-धीरे नए इलाकों की तरफ बढ़ रहा है और लोगों की चिंता भी उसके साथ बढ़ती जा रही है.

पानी अब मंदिरों तक पहुंचा
बाढ़ का असर सिर्फ घरों और गलियों तक नहीं रुका. गोमती रिवर फ्रंट के किनारे स्थित हनुमंत धाम और लेटे हुए हनुमान मंदिर तक पानी पहुंच गया है. बख्शी का तालाब इलाके में चंद्रिका देवी मंदिर तक भी पानी पहुंच चुका है. हालात को देखते हुए गोमती रिवरफ्रंट और मरीन ड्राइव के पास स्थित फूड वैली को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है. शहर के जिन हिस्सों में लोग रोज घूमने और आने-जाने के लिए निकलते थे, वहां अब पानी और सन्नाटा नजर आ रहा है.

चारपाई बनी मरीजों की सवारी
पानी बढ़ा तो दूसरी मुसीबत भी साथ आ गई. बाढ़ वाले इलाकों में सांप और दूसरे जहरीले जीवों का खतरा बढ़ गया है. गंदगी के कारण बीमारियां फैलने की चिंता भी बनी हुई है. प्रशासन की ओर से राहत और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए टीमें तैनात होने की बात कही गई है. मोबाइल मेडिकल यूनिट दवाएं, क्लोरीन की गोलियां और ओआरएस बांट रही हैं. लेकिन पानी के बीच मरीजों को अस्पताल या सुरक्षित जगह तक ले जाना आसान नहीं है. कई जगह मरीजों को चारपाई पर लादकर ले जाना पड़ रहा है.

दूसरे जिलों में भी पानी
लखनऊ की कहानी अकेली नहीं है. यूपी के कई जिलों में बाढ़ का असर दिख रहा है. पहाड़ों पर हुई बारिश के बाद बांधों और बैराजों से छोड़ा गया पानी नदियों तक पहुंचा है. इससे करीब 10 नदियां उफान पर बताई जा रही हैं. पिछले 8 दिन से बारिश नहीं होने के बावजूद लखनऊ, सीतापुर समेत 11 जिले बाढ़ की चपेट में हैं. बलिया और गोंडा में भी दर्जनों गांव पानी से घिरकर टापू जैसे हो गए हैं. यानी आसमान साफ होने के बाद भी जमीन पर पानी कम नहीं हुआ.

अखिलेश ने सरकार घेरा
इसी बीच लखनऊ की बाढ़ को लेकर सियासत भी गरमा गई. सपा मुखिया अखिलेश यादव ने ‘X’ पर पोस्ट कर सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने लिखा कि मुख्यमंत्री की निकासी का समय आ गया, लेकिन लखनऊ में अपने घर के पास ही के क्षेत्र में जलभराव की निकासी नहीं कर पाए. अखिलेश यादव ने घर और परिवार के महत्व का जिक्र करते हुए भी सरकार पर सवाल उठाए. इस बयान के साथ बाढ़ का मुद्दा राहत और बचाव के साथ राजनीतिक बहस में भी पहुंच गया.

बारिश रुकी, नदी क्यों चढ़ी
अब सवाल यही है कि जब यूपी में बारिश थम चुकी है तो लखनऊ में गोमती का पानी लगातार क्यों बढ़ रहा है. इसकी वजह ऊपर से नीचे की तरफ आ रहा पानी बताई जा रही है. नेपाल, उत्तराखंड और यूपी के ऊपरी जिलों में हुई तेज बारिश का पानी नदियों के रास्ते मैदानी इलाकों तक पहुंच रहा है. पहाड़ी और ऊपरी इलाकों का पानी नीचे आने में समय लेता है. इसलिए वहां बारिश रुकने के बाद भी मैदान में नदी का जलस्तर कुछ समय तक बढ़ता रह सकता है.

बांधों का पानी नीचे आया
ऊपरी इलाकों में बारिश के बाद बैराज और जलाशयों में पानी बढ़ जाता है. जब पानी ज्यादा हो जाता है तो अतिरिक्त पानी छोड़ा जाता है. यही पानी कुछ समय बाद नदियों के रास्ते मैदानी इलाकों तक पहुंचता है और जलस्तर बढ़ा देता है. लखनऊ, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, बहराइच, श्रावस्ती, सीतापुर, गोंडा और बाराबंकी जैसे जिलों में इसका असर ज्यादा बताया गया है. यही सिलसिला आगे अयोध्या और गोरखपुर जैसे मैदानी जिलों तक भी असर डाल सकता है. यानी लखनऊ की बाढ़ की असली कहानी सिर्फ शहर में हुई बारिश की नहीं, बल्कि ऊपर से नीचे उतरते पानी की है.

Source: TV21 Network

TV 21 Network Official Logo – हिंदी न्यूज़ वेबसाइट | ब्रेकिंग न्यूज़, ताज़ा समाचार और विश्वसनीय खबरें

TV 21 Network Desk

TV 21 Network की संपादकीय टीम, जो देश-दुनिया, उत्तर प्रदेश, स्थानीय, राजनीति, अपराध, शिक्षा, व्यापार, खेल, मनोरंजन और टेक्नोलॉजी से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक तेज़, सटीक और निष्पक्ष तरीके से पहुंचाने का प्रयास करती है. हमारा उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जमीनी मुद्दों और जनसरोकार से जुड़ी खबरों को प्रमुखता देना है.

1 thought on “लखनऊ बाढ़: बारिश थमी, फिर भी क्यों बढ़ रहा गोमती का जलस्तर? फैजुल्लागंज में 40 हजार घर डूबे”

Leave a Comment