लखनऊ में पुलिस के सामने एक ऐसी कहानी आई, जिसकी शुरुआत किसी थाने या सड़क से नहीं, बल्कि मोबाइल के गेम से हुई थी. बांग्लादेश के चटगांव का रहने वाला 28 साल का मोहम्मद सज्जाद हुसैन वर्ष 2018 में PUBG खेलता था. इसी दौरान उसकी पहचान लखनऊ की एक महिला से हुई. दोनों साथ में गेम खेलते और बातचीत करते रहे. धीरे-धीरे यह बातचीत रोजमर्रा के संपर्क में बदल गई. गेम खत्म होने के बाद भी दोनों की बात होने लगी और दोस्ती धीरे-धीरे नजदीकी रिश्ते में बदलती चली गई.
कहानी यहीं नहीं रुकी. पुलिस के मुताबिक, दोनों WhatsApp कॉल और चैट के जरिए भी एक-दूसरे के संपर्क में रहने लगे थे. सज्जाद ने महिला से मिलने के लिए भारत का रुख किया. वर्ष 2023 में वह सऊदी अरब से टूरिस्ट वीजा पर लखनऊ आया था. कुछ समय बाद दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली और सज्जाद लखनऊ के भदेवा इलाके में महिला के साथ रहने लगा. बाहर से देखने पर यह दो लोगों की दोस्ती और शादी की कहानी थी, लेकिन आगे चलकर इसी रिश्ते के बीच पुलिस को कुछ ऐसे दस्तावेज मिले, जिनसे पूरा मामला बदल गया.
वीजा खत्म हुआ, फिर क्या हुआ
TV21 Network को पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, सज्जाद का टूरिस्ट वीजा खत्म हो गया था, लेकिन इसके बाद भी वह लखनऊ में रह रहा था. इसी दौरान भारत में रहने और बैंक खाता खुलवाने की जरूरत सामने आई. पुलिस का कहना है कि इसके लिए सज्जाद ने भदेवा निवासी जनसेवा केंद्र संचालक मोहम्मद तलहा से संपर्क किया. दोनों के बीच हुई इस मुलाकात के बाद कहानी एक नए मोड़ पर पहुंच गई. आरोप है कि तलहा ने सज्जाद के लिए ऐसे कागज तैयार कराने में मदद की, जिनके आधार पर आगे उसकी भारतीय पहचान से जुड़े दस्तावेज बनते चले गए.
कागज बने और पहचान बदली
TV21 Network को पुलिस की जांच के मुताबिक पता चला है कि सज्जाद के लिए फर्जी जन्म प्रमाणपत्र और निवास प्रमाणपत्र तैयार कराए गए. इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उसका आधार कार्ड बनवाया गया. इसके बाद आधार के जरिए पैन कार्ड और वोटर आईडी भी तैयार कराई गई. पुलिस का आरोप है कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल सज्जाद ने बैंक खाता खुलवाने और मोबाइल सिम हासिल करने में भी किया. यानी जिस युवक की शुरुआत में पहचान PUBG खेलने वाले एक दोस्त के तौर पर हुई थी, उसकी पहचान अब कागजों के जरिए भारत में भी दर्ज होती चली गई.
पंद्रह हजार में तैयार हुए कागज
पुलिस के मुताबिक, फर्जी दस्तावेज तैयार कराने के लिए सज्जाद ने जनसेवा केंद्र संचालक मोहम्मद तलहा को अलग-अलग किस्तों में करीब 15 हजार रुपये दिए थे. पुलिस का आरोप है कि तलहा ने इन कागजों को तैयार कराने में उसकी मदद की. जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने सज्जाद के पास से दो बांग्लादेशी पासपोर्ट बरामद किए. इसके अलावा फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी भी मिली. पुलिस ने दो मोबाइल फोन और दूसरे दस्तावेज भी अपने कब्जे में लिए हैं.
अपार्टमेंट तक पहुंची पुलिस की सूचना
इस मामले की शुरुआत पुलिस को मिली एक खुफिया सूचना से हुई. थाना बाजारखाला के इंचार्ज सुधीर अवस्थी के मुताबिक, पुलिस को जानकारी मिली थी कि भदेवा स्थित नसीरुल्ला अपार्टमेंट में एक बांग्लादेशी युवक एक महिला के साथ रह रहा है. सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और उसके दस्तावेजों की पड़ताल की. जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने मोहम्मद सज्जाद हुसैन को गिरफ्तार कर लिया. उसके साथ फर्जी दस्तावेज तैयार कराने में मदद के आरोप में जनसेवा केंद्र संचालक मोहम्मद तलहा को भी पकड़ा गया.
PUBG की दोस्ती से खुला पूरा मामला
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सज्जाद ने बताया कि वह बांग्लादेश के चटगांव के हथाजरल रहीमपुर का रहने वाला है. उसके पिता अब्दुल कादिर सऊदी अरब में कारोबार करते हैं और सज्जाद भी उनके कारोबार में हाथ बंटाता था. पुलिस के अनुसार, वर्ष 2023 में वह सऊदी अरब से टूरिस्ट वीजा पर लखनऊ आया था. बाद में इसी लखनऊ में उसकी 2018 से चली आ रही PUBG वाली दोस्ती शादी तक पहुंची. अब पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है और मामले में खुफिया एजेंसी ने भी पूछताछ की है.
Source: TV21 Network






