कहते हैं, बेटी की शादी के समय मायके वाले यही सोचते हैं कि अब बिटिया अपने घर चली जाएगी और वहां हंसी-खुशी से रहेगी. लेकिन वाराणसी के राजातालाब में एक विवाहिता की कहानी कुछ और ही निकली. मिर्जामुराद थाना क्षेत्र की रहने वाली इस महिला ने पुलिस को दी तहरीर में ससुराल वालों पर दहेज के लिए परेशान करने और मारपीट करने का आरोप लगाया है. उसकी कहानी की शुरुआत भी एक ऐसे सपने से हुई थी, जिसमें होने वाले पति के हवाई जहाज उड़ाने की बात बताकर उसे शादी के बाद अच्छी जिंदगी का भरोसा दिया गया था.
विवाहिता के मुताबिक उसकी शादी मई 2021 में हुई थी. शादी के समय मायके वालों ने अपनी हैसियत के मुताबिक नकदी, घरेलू सामान और सोने के जेवर दिए थे. बेटी जब ससुराल पहुंची तो उसे कुछ ही समय में पता चला कि पति घर पर ही रहता है. बात कुछ समझ नहीं आई तो उसने पूछताछ की. तब ससुराल वालों की ओर से बताया गया कि पति को बाहर नौकरी पर भेजना है और इसके लिए चार लाख रुपये चाहिए. यहीं से उस गृहस्थी में पैसों की बात ने जगह बना ली.
चार लाख की बात बन गई परेशानी
महिला का आरोप है कि मायके से चार लाख रुपये लाने के लिए उस पर दबाव बनाया जाने लगा. घरवालों ने रकम देने से इनकार किया तो बात धीरे-धीरे बिगड़ती चली गई. आरोप है कि उसे गाली-गलौज और मारपीट सहनी पड़ी. इतना ही नहीं, विवाहिता ने पुलिस को बताया कि कई बार उसका खाना-पीना तक बंद कर दिया जाता था. आखिरकार वह ससुराल में टिक नहीं सकी और उसे मायके भेज दिया गया. परिवार ने सोचा कि शायद बातचीत और पंचायत से यह घर फिर संभल जाएगा.
पंचायत हुई, लेकिन मांग नहीं बदली
इसके बाद दोनों परिवारों के बीच कई बार बातचीत और पंचायत हुई. मायके वालों को उम्मीद थी कि समझाने-बुझाने से चार लाख रुपये की मांग खत्म हो जाएगी और बेटी की गृहस्थी बच जाएगी. विवाहिता के अनुसार ऐसा नहीं हुआ. मई 2025 में उसे फिर ससुराल ले जाया गया, लेकिन यह साथ भी ज्यादा दिन नहीं चल सका. आरोप है कि जुलाई 2025 में उसे दोबारा मायके भेज दिया गया. घर बचाने की कोशिशें चलती रहीं, मगर रिश्ते की दरार भरने के बजाय और गहरी होती चली गई.
सालों बाद भी नहीं बचा घर
समय गुजरता गया और आखिर परिवारों के सामने यह सवाल खड़ा हो गया कि अब इस रिश्ते का क्या होगा. विवाहिता की ओर से बताया गया कि 16 अगस्त 2026 को शम्मो माता मंदिर में पंचायत बैठी. वहां उसे ससुराल में रखने को लेकर सहमति नहीं बन सकी. इसके बाद मायके से दिए गए सामान, 1.60 लाख रुपये और जेवर लौटाने की बात तय होने का दावा किया गया. लगा कि अब कम से कम सामान लेकर यह कहानी खत्म हो जाएगी, लेकिन 26 अगस्त को राजातालाब तहसील में फिर विवाद खड़ा हो गया.
तहसील पहुंची तो बढ़ गया विवाद
विवाहिता के मुताबिक सामान लेने के लिए उसे अपने माता-पिता और भाई के साथ राजातालाब तहसील बुलाया गया था. वह परिवार के साथ वहां पहुंची तो ससुराल पक्ष के लोग 10-15 अन्य लोगों के साथ मौजूद थे. महिला का आरोप है कि वहां पहुंचते ही गाली-गलौज और मारपीट शुरू हो गई. उसने बताया कि परिवार के लोगों ने बीच-बचाव किया, वरना उसके साथ कोई गंभीर घटना हो सकती थी. आरोप यह भी है कि वहां से जाते समय मुकदमा करने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई.
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा अब
मामला थाने पहुंचा तो राजातालाब पुलिस ने विवाहिता की तहरीर के आधार पर पति समेत ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया. पुलिस ने दहेज उत्पीड़न, मारपीट, गाली-गलौज, धमकी और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धाराओं में कार्रवाई की है. मामले की जांच उपनिरीक्षक अनुजा गोस्वामी को सौंपी गई है. अब पुलिस आरोपों की जांच कर रही है. वाराणसी के राजातालाब और मिर्जामुराद क्षेत्र से जुड़ा यह मामला इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि इसमें शादी के बाद नौकरी के नाम पर रकम मांगने का आरोप सामने आया है.
सपना दिखा, फिर पैसों पर अटक गई गृहस्थी
इस पूरी कहानी में सबसे चुभने वाली बात यही है कि जिस लड़की ने शादी से पहले अपने होने वाले पति के हवाई जहाज उड़ाने की बात सुनी, उसके सामने शादी के बाद चार लाख रुपये की मांग रख दी गई. आरोप है कि नौकरी दिलाने के नाम पर रकम मांगी गई और रकम न मिलने पर रिश्ता धीरे-धीरे टूटता चला गया. अब मामला पुलिस तक पहुंच चुका है. यानी कहानी सिर्फ चार लाख रुपये की नहीं, बल्कि उस भरोसे की भी है जो शादी से पहले दिखाए गए सपने के साथ जुड़ा था.
Source: TV21 Network






