ईरान की सत्ता को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। नए सर्वोच्च नेता मोजतबा ख़ामेनेई लगातार सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर हैं, जिससे उनकी सेहत को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। खास बात यह है कि वह अपने पिता और पूर्व सर्वोच्च नेता अली ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार में भी नजर नहीं आए थे। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक नए बयान ने इस पूरे मामले को और अधिक सुर्खियों में ला दिया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है, इसलिए इन्हें आधिकारिक तौर पर सत्य नहीं माना जा सकता।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को फॉक्स न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में दावा किया कि अली ख़ामेनेई अब जीवित नहीं हैं और उनके बेटे मोजतबा ख़ामेनेई भी “90 फीसदी खत्म” हो चुके हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान की नौसेना, वायुसेना और एयर डिफेंस सिस्टम लगभग पूरी तरह तबाह हो चुके हैं। उनके अनुसार, ईरान के कई बड़े सैन्य और राजनीतिक नेता भी मारे जा चुके हैं। हालांकि ईरान की ओर से ट्रंप के इन बयानों की पुष्टि नहीं की गई है और न ही किसी स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय एजेंसी ने इन दावों को सत्यापित किया है।
इससे पहले शनिवार को मोजतबा ख़ामेनेई के नाम से जारी एक लिखित बयान भी चर्चा में रहा। इस बयान में अली ख़ामेनेई की हत्या का बदला लेने की बात कही गई और कहा गया कि दुनिया भर में ऐसे लोग मौजूद हैं जो इस मिशन को पूरा करने के लिए तैयार हैं। बयान में यह भी दावा किया गया कि दोनों युद्धों में मारे गए लोगों के खून का हिसाब लिया जाएगा। हालांकि यह बयान वास्तव में मोजतबा ख़ामेनेई की ओर से जारी हुआ था या नहीं, इसकी भी स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में इसे लेकर भी कई सवाल बने हुए हैं।
इसी साल अप्रैल में अमेरिकी अखबार द न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया था कि अमेरिका-इजराइल के हवाई हमले में मोजतबा ख़ामेनेई गंभीर रूप से घायल हुए थे। रिपोर्ट में ईरान के कुछ अधिकारियों के हवाले से कहा गया कि शारीरिक रूप से घायल होने के बावजूद वह मानसिक रूप से पूरी तरह सक्रिय हैं। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने फिलहाल कई अहम फैसलों की जिम्मेदारी रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स की वैचारिक सेना के वरिष्ठ जनरलों को सौंप रखी है। हालांकि इस रिपोर्ट की भी ईरानी सरकार की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी।
ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच लगातार बढ़ते तनाव के बीच ऐसे दावे और बयान अंतरराष्ट्रीय राजनीति को और संवेदनशील बना रहे हैं। फिलहाल मोजतबा ख़ामेनेई की वास्तविक स्थिति को लेकर आधिकारिक तस्वीर साफ नहीं है। एक तरफ ट्रंप के दावे हैं तो दूसरी ओर पहले सामने आई रिपोर्टें और बयान अलग संकेत देते हैं। ऐसे में दुनिया की नजर अब ईरान की ओर से आने वाली आधिकारिक जानकारी पर टिकी है। जब तक किसी विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोत से पुष्टि नहीं होती, तब तक इन दावों को सावधानी के साथ ही देखा जाना चाहिए।
















