भोपाल में राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे में कथित गड़बड़ी को लेकर सियासत फिर गर्म हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री Digvijaya Singh ने शुक्रवार को बड़ा बयान देते हुए कहा कि वह 5 और 6 जुलाई को अयोध्या जाएंगे और वहां इस मामले में कानूनी कार्रवाई करेंगे। भोपाल में आयोजित एक सभा के दौरान उन्होंने दावा किया कि उन्होंने भी राम मंदिर के लिए चंदा दिया था और अब उन्हें लगता है कि वह राशि गलत तरीके से इस्तेमाल हुई। इसी वजह से वह वकीलों की टीम के साथ अयोध्या जाकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराएंगे। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।
सभा के दौरान दिग्विजय सिंह ने कहा कि यह मामला केवल राजनीति का नहीं बल्कि आस्था और लोगों के भरोसे का है। उन्होंने मंच से मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों से भी अपील की कि वे अपने-अपने इलाकों में मंदिरों के बाहर पोस्टर और बैनर लगाएं। उन्होंने कहा कि इन पोस्टरों पर लिखा जाए— “चंदा चोरों से सावधान” और “चंदा चोरों का प्रवेश निषेध है।” उनके इस बयान के बाद सभा में मौजूद कार्यकर्ताओं ने भी जोरदार प्रतिक्रिया दी। भोपाल के राजनीतिक गलियारों में इस बयान को लेकर पूरे दिन चर्चाएं होती रहीं और सोशल मीडिया पर भी लोगों ने अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दीं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी साफ किया कि वह अयोध्या केवल राजनीतिक दौरे पर नहीं जा रहे, बल्कि कानूनी दस्तावेज और अपने वकीलों के साथ वहां पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि यदि किसी ने राम मंदिर के नाम पर लोगों की आस्था से खिलवाड़ किया है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। दिग्विजय सिंह ने दावा किया कि कई लोग उनसे मिलकर इस मामले में शिकायत कर चुके हैं। हालांकि उन्होंने किसी व्यक्ति या संस्था का नाम सार्वजनिक रूप से नहीं लिया। दूसरी ओर भाजपा नेताओं ने उनके बयान को राजनीति से प्रेरित बताते हुए पलटवार शुरू कर दिया है। इससे आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमाने के संकेत मिल रहे हैं।
भोपाल और मध्य प्रदेश की राजनीति में धार्मिक मुद्दों पर बयानबाजी पहले भी होती रही है, लेकिन राम मंदिर से जुड़े चंदे का मामला सामने आने के बाद यह मुद्दा आम लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है। शहर के कई इलाकों में लोग इस पर खुलकर बातचीत करते नजर आए। कुछ लोगों का कहना है कि यदि किसी तरह की अनियमितता हुई है तो उसकी जांच होनी चाहिए, जबकि कुछ लोग इसे राजनीतिक बयानबाजी मान रहे हैं। दिग्विजय सिंह के पोस्टर लगाने वाले बयान ने भी विवाद को और बढ़ा दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मामला प्रदेश की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है।
अब सभी की नजर 5 और 6 जुलाई पर टिकी हुई है, जब दिग्विजय सिंह अयोध्या पहुंचकर कथित चंदा चोरी मामले में शिकायत दर्ज कराने की बात कर रहे हैं। यह देखना अहम होगा कि वहां वह कौन से दस्तावेज पेश करते हैं और प्रशासन या संबंधित पक्ष की तरफ से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है। फिलहाल भोपाल से लेकर अयोध्या तक इस बयान की चर्चा तेज है। राजनीतिक दल भी इसे अपने-अपने तरीके से जनता के बीच ले जाने की तैयारी में हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा केवल बयानबाजी तक सीमित रहेगा या किसी कानूनी कार्रवाई का रूप लेगा, इस पर सबकी निगाह बनी हुई है।
















