Prayagraj Kaushambi Border Blast: उत्तर प्रदेश के कौशांबी में सोमवार दोपहर पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने मोहम्मदपुर गांव और आसपास के इलाके को हिला दिया. धमाका इतना तेज था कि करीब 2 किलोमीटर दूर तक इसकी आवाज सुनाई दी. हादसे में 2 बच्चों समेत 10 लोगों की मौत हुई है, जबकि 22 लोग झुलसे हैं. पुलिस के मुताबिक विस्फोट के बाद पूरी फैक्ट्री जमींदोज हो गई. आसपास के करीब 100 मीटर इलाके में बने 8 मकान भी क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनमें 3 पूरी तरह गिर गए. घटनास्थल प्रयागराज-कौशांबी बॉर्डर पर है और मनौरी एयरफोर्स स्टेशन यहां से करीब 2 किलोमीटर दूर है.
हादसे के तुरंत बाद पुलिस, एयरफोर्स, NDRF और SDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं. करीब 200 जवान राहत और बचाव अभियान में जुटे हैं. मलबा हटाने के लिए 10 बुलडोजर लगाए गए हैं. पुलिस और प्रशासन को आशंका है कि फैक्ट्री के मलबे के नीचे कुछ और लोग फंसे हो सकते हैं, इसलिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार चलाया जा रहा है. विस्फोट के बाद फैक्ट्री में रखे पटाखों के कारण कई छोटे धमाके भी होते रहे. स्थानीय ग्रामीणों ने झुलसे लोगों को चारपाइयों और दूसरे साधनों से बाहर निकाला. मौके पर धुएं और मलबे के बीच अफरा-तफरी का माहौल बना रहा.
फैक्ट्री में 20 मजदूर काम कर रहे थे, कई घर शिकार
बताया गया है कि धमाके के वक्त फैक्ट्री में करीब 20 मजदूर काम कर रहे थे. आसपास बने घरों के लोग भी विस्फोट की चपेट में आए और कई घायल हुए. धमाके की ताकत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एक मकान की तीसरी मंजिल तक में करीब 8 फीट का बड़ा छेद हो गया. पुलिस के मुताबिक एक मंजिला फैक्ट्री करीब 800 वर्गफीट में बनी थी और इसका मालिक आदिल बताया जा रहा है. फैक्ट्री के पास नई बस्ती भी बस रही थी, जिससे हादसे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और नियमों पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं.
डिप्टी सीएम केशव ने TV21 Network को क्या बताया?
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने TV21 Network को बताया है कि सरकार की पहली प्राथमिकता हादसे में घायल लोगों की जान बचाना और उन्हें बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है. उन्होंने कहा कि SRN अस्पताल में भर्ती घायलों के इलाज में किसी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी. मौर्य ने हादसे में एक ही परिवार के कई लोगों की मौत को बेहद दुखद और हृदयविदारक बताया. उन्होंने कहा कि मृतकों के परिवारों को सरकार की ओर से हर संभव मदद दी जाएगी. मामले की जांच के लिए DM और SSP को निर्देश दिए गए हैं और जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी.
शाम तक 10 शव हुए बरामद, रेस्क्यू अभी भी जारी
कौशांबी में पटाखा फैक्ट्री हादसे के बाद शाम करीब साढ़े 5 बजे मलबे से 3 और शव बरामद किए गए. इसके साथ ही उस समय तक बरामद शवों की संख्या 10 पहुंच गई थी. राहत टीमों का अभियान इसके बाद भी जारी रहा और मलबे में दबे लोगों की तलाश की जाती रही. घटनास्थल से करीब 200 मीटर की दूरी पर दो पटाखा गोदाम भी मिले हैं, जहां पटाखे रखे होने की जानकारी सामने आई. सूचना मिलते ही एसडीएम चायल प्रेरणा गौतम, सीओ चायल और तहसीलदार समेत अधिकारी वहां पहुंचे और दोनों गोदामों का निरीक्षण किया.
गोदामों के बाहर पुलिस तैनात, सुरक्षा पर सवाल
दोनों पटाखा गोदामों की सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है, ताकि हादसे के बाद गुस्साई भीड़ वहां तोड़फोड़ न कर सके और कोई दूसरी अप्रिय घटना न हो. अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आबादी के करीब पटाखा निर्माण और भंडारण की अनुमति किस तरह मिली और सुरक्षा नियमों का कितना पालन हुआ. कुछ रिपोर्टों में फैक्ट्री के लाइसेंस से जुड़े पुराने रिकॉर्ड पर भी सवाल उठे हैं. ऐसे में हादसे की जांच केवल विस्फोट की वजह तक सीमित नहीं रह सकती. फिलहाल राहत, बचाव और घायलों के इलाज पर प्रशासन का पूरा फोकस है.






