Bahraich Potato Farmers News: बहराइच के आलू किसानों के लिए राहत की दो योजनाएं शुरू की गई हैं, लेकिन इनका लाभ लेने के लिए आवेदन की प्रक्रिया को समझना जरूरी है. सरकार ने भामाशाह भाव स्थिरता योजना और कोल्ड स्टोरेज शुल्क अनुदान योजना शुरू की है. इनका मकसद किसानों को आलू की उत्पादन लागत और बिक्री दर के अंतर से होने वाले घाटे तथा शीतगृह के किराये के बोझ से राहत देना है. खास बात यह है कि दोनों योजनाओं के लिए आवेदन केवल ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे.
यहीं से इस योजना का अलग पहलू सामने आता है. ऑनलाइन आवेदन करने के बाद काम सिर्फ पोर्टल तक सीमित नहीं रहेगा. पंजीकृत किसान को ऑनलाइन प्राप्ति रसीद के साथ जरूरी सभी दस्तावेजों की छायाप्रति भौतिक रूप से जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय में जमा करनी होगी. इसके बाद सत्यापन की कार्रवाई की जाएगी. जिला उद्यान अधिकारी दिनेश चौधरी ने बताया कि इस बार जनपद में आलू का उत्पादन अच्छा हुआ है और शीतगृहों में आलू भण्डारित है. ऐसे में योजनाओं के जरिए किसानों को तय नियमों के अनुसार सहायता दी जाएगी.
आलू की लागत पर मिलेगा सहारा
भामाशाह भाव स्थिरता योजना के तहत अनुदान का आकलन किसान की आलू उत्पादन लागत और बिक्रीत दर के अंतर के आधार पर होगा. किसान की उत्पादन लागत का 25 प्रतिशत अथवा उत्पादन लागत और बिक्रीत दर के अंतर की धनराशि, जो कम होगी, वही अनुदान के लिए देय होगी. योजना का लाभ एफ.ए.क्यू. गुणवत्ता वाले 30 से 80 एम.एम. आकार के आलू पर मिलेगा. योजना की परिचालन अवधि 01 जनवरी से 15 अप्रैल तथा 01 जुलाई से 31 अक्टूबर रखी गई है.
शीतगृह शुल्क पर भी राहत
दूसरी योजना के तहत किसानों को कोल्ड स्टोरेज शुल्क पर प्रति कुन्तल 100 रुपये का अनुदान दिया जाएगा. इसके लिए किसान के लिए अधिकतम अनुमन्य क्षेत्रफल 2 हेक्टेयर और अधिकतम अनुमन्य आलू की मात्रा 200 कुन्तल है. इस हिसाब से अधिकतम 20,000 रुपये तक की सहायता अनुमन्य है. दोनों योजनाओं का उद्देश्य आलू किसानों को उत्पादन लागत और बिक्रीत दर के अंतर से होने वाले घाटे तथा शीतगृह के किराये का भुगतान करने में मदद पहुंचाना है.
आवेदन की प्रक्रिया रहेगी ऑनलाइन
जिला उद्यान अधिकारी के अनुसार दोनों योजनाओं का क्रियान्वयन विभागीय पोर्टल potato.uphorticulture.in के माध्यम से किया जाएगा. अनुदान की धनराशि लाभार्थी किसान के आधार लिंक्ड बैंक खाते में सीधे DBT के जरिए भेजी जाएगी. आवेदन के लिए किसान को आधार कार्ड, बैंक पासबुक, खसरा, खतौनी, कोल्ड स्टोर की आमद रसीद, गेट पास रसीद, लॉट नम्बर और पेमेंट रसीद की जरूरत होगी. पेमेंट रसीद में किसान का पूरा पता, तहसील और जिला आदि का विवरण होना चाहिए.
अपने नाम का भंडारण जरूरी
कोल्ड स्टोरेज में रखे आलू पर वित्तीय सहायता के लिए भी एक जरूरी शर्त बताई गई है. यह सहायता उन्हीं किसानों को मिलेगी, जिन्होंने अपने नाम से आलू भण्डारित किया है और जिनकी खतौनी स्वयं की है. इसलिए आवेदन के दौरान दिए जाने वाले दस्तावेजों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी. ऑनलाइन आवेदन के बाद वांछित अभिलेखों की छायाप्रति जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय में जमा करनी होगी, ताकि आवेदन से जुड़ी सत्यापन प्रक्रिया पूरी की जा सके.
किसानों को सीधे खाते सहायता
योजनाओं के तहत मिलने वाली अनुदान राशि लाभार्थी किसान के आधार लिंक्ड बैंक खाते में DBT के माध्यम से अंतरित की जाएगी. इसका लाभ लेने के लिए इच्छुक किसानों को पोर्टल पर पंजीकरण कर ऑनलाइन आवेदन करना होगा. विभाग ने साफ किया है कि आवेदन केवल ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे. अधिक जानकारी के लिए किसान विभागीय पोर्टल पर विजिट कर सकते हैं या कार्यालय जिला उद्यान अधिकारी, बहराइच से संपर्क कर सकते हैं.






