नई दिल्ली में सेमीकॉन इंडिया 2026 का समापन
नई दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित सेमीकॉन इंडिया 2026 का समापन सेमीकंडक्टर क्षेत्र से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाओं के साथ हुआ। अंतिम सत्र में स्वदेशी चिप डिजाइन, RISC-V प्रोसेसर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम तकनीक, फैब ऑटोमेशन, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप और कुशल कार्यबल तैयार करने से जुड़ी 15 पहलों की जानकारी दी गई।
इस आयोजन में सरकार के साथ उद्योग, शिक्षण संस्थानों, अनुसंधान संगठनों और स्टार्टअप्स की भागीदारी देखने को मिली। पूरे कार्यक्रम में भारत में विकसित तकनीकों को आगे बढ़ाने और सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन के अलग-अलग हिस्सों में घरेलू क्षमता मजबूत करने पर ध्यान दिया गया।
RISC-V ग्रैंड चैलेंज में तीन टीमों को पुरस्कार
सेमीकॉन इंडिया 2026 के समापन सत्र में डिजिटल इंडिया RISC-V ग्रैंड चैलेंज के विजेताओं की घोषणा की गई। यह प्रतियोगिता इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के चिप्स टू स्टार्टअप यानी C2S कार्यक्रम के तहत मेकर विलेज द्वारा आयोजित की गई थी।
इस प्रतियोगिता में देशभर से 1,236 टीमों और 5,045 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। तीन विजेता टीमों को कुल 60 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।
पहला पुरस्कार SASTRA यूनिवर्सिटी, तंजावुर से जुड़ी टीम डिजिटल डॉग्स का प्रतिनिधित्व करने वाली Meevisai Technologies को मिला। टीम ने IIT मद्रास के स्वदेशी SHAKTI प्रोसेसर पर आधारित पानी की सतह साफ करने वाला रोबोट तैयार किया है।
दूसरा पुरस्कार तिरुवनंतपुरम स्थित ER&DCI Institute of Technology की टीम Binary Bandits का प्रतिनिधित्व करने वाली Digiscope LLP को मिला। टीम ने C-DAC के VEGA प्रोसेसर का इस्तेमाल करते हुए डिजिटल स्टेथोस्कोप विकसित किया है।
तीसरा पुरस्कार बेंगलुरु के भारतीय विज्ञान संस्थान से जुड़ी टीम NeuroBytes का प्रतिनिधित्व करने वाली Zetawave Technologies को मिला। टीम ने VEGA प्रोसेसर आधारित जंगल पर्यावरण निगरानी प्रणाली विकसित की।
एआई और फैब ऑटोमेशन के लिए नई पहल
समापन सत्र में भारत AI-SoC चैलेंज 2026-27 का दूसरा संस्करण भी शुरू किया गया। इसमें AI और System-on-Chip डिजाइन से जुड़े क्षेत्रों में छात्रों और कामकाजी पेशेवरों को भाग लेने का अवसर मिलेगा। यह पहल C2S कार्यक्रम के तहत शुरू की गई है और इसे UK-India Technology Security Initiative के माध्यम से ब्रिटेन सरकार का समर्थन प्राप्त है।
इसके अलावा मोहाली स्थित Semiconductor Laboratory ने Device Manufacturing Integrated System (DMIS) लॉन्च किया। यह वेफर फैब्रिकेशन से जुड़ी गतिविधियों के प्रबंधन के लिए स्वदेशी Manufacturing Execution System है। इसका उद्देश्य उत्पादन प्रक्रिया को बेहतर तरीके से व्यवस्थित करने और फैब संचालन को अधिक प्रभावी बनाने में मदद करना है।
सॉवरेन कंप्यूटिंग पर भी जोर
सेमीकॉन इंडिया 2026 में भारत के अपने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने से जुड़े सहयोग भी सामने आए।
C-DAC और NLC India Limited ने ऊर्जा क्षेत्र के इकोसिस्टम में डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए सहयोग की घोषणा की। वहीं C-DAC और Bharat Electronics Limited ने स्वदेशी हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग, AI तथा सॉवरेन डेटा सेंटर समाधान विकसित करने के लिए साझेदारी की घोषणा की।
इन पहलों का उद्देश्य देश में उन्नत कंप्यूटिंग और सुरक्षित डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की घरेलू क्षमता को बढ़ाना है।
AI और क्वांटम तकनीक के लिए प्लेटफॉर्म
C-DAC ने PARAM Vidya नाम से AI Excellence Lab-in-a-Box प्लेटफॉर्म पेश किया। इसे विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों, स्टार्टअप्स और MSMEs के लिए उपयोगी बनाया गया है। इसका लक्ष्य AI और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग तक पहुंच को आसान बनाना है।
इसके साथ ही PARAM Shavak-QS नाम का क्वांटम सिमुलेशन प्लेटफॉर्म भी पेश किया गया। इसे क्वांटम तकनीक से जुड़े अनुसंधान, शिक्षा और नवाचार के लिए उपयोग किए जाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
सेमीकंडक्टर क्षेत्र में रोजगार योग्य प्रतिभा तैयार करने पर जोर
कार्यक्रम में सेमीकंडक्टर उद्योग की जरूरतों के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए कई साझेदारियों की घोषणा हुई।
Electronics Sector Skills Council of India ने Matr.io Labs और Truechip Solutions के साथ प्रशिक्षण संबंधी सहयोग की घोषणा की। इन पहलों में सेमीकंडक्टर निर्माण के साथ-साथ सर्किट डिजाइन, वेरिफिकेशन और टेस्टिंग जैसे क्षेत्रों में कौशल विकसित करने पर जोर है।
NIELIT ने भी ATMP स्किलिंग और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े प्रशिक्षण के लिए डिजिटल ट्विन आधारित पहल की जानकारी दी।
स्टार्टअप और हैकाथॉन को भी मिला मंच
सेमीकॉन इंडिया हैकाथॉन के ग्रैंड फिनाले में भी बड़ी भागीदारी रही। आयोजन में 881 कॉलेजों से 3,808 टीमों ने पंजीकरण कराया और 1,053 आइडिया सामने आए। इनमें से 10 टीमें ग्रैंड फिनाले तक पहुंचीं।
इसके अलावा Startup Mitra के तहत 11 स्टार्टअप्स ने 20 से अधिक वेंचर कैपिटल निवेशकों के सामने अपने प्रोजेक्ट और बिजनेस आइडिया प्रस्तुत किए।
2035 तक 200 अरब डॉलर के बाजार का अनुमान
समापन सत्र में EY और India Semiconductor and Electronics Association यानी ISEA की “Semicon India 2.0: From Capacity Creation to Ecosystem Leadership” रिपोर्ट भी जारी की गई।
रिपोर्ट के अनुसार भारत के सेमीकंडक्टर बाजार के 2026 में करीब 64 अरब डॉलर से बढ़कर 2035 तक 200 अरब डॉलर तक पहुंचने का अवसर बताया गया है। रिपोर्ट में घरेलू मांग और भारत के डिजाइन टैलेंट को मैन्युफैक्चरिंग, एडवांस्ड पैकेजिंग और इनोवेशन से जोड़ने पर भी जोर दिया गया है।
पहले दो दिनों की घोषणाओं के साथ जुड़ीं नई पहलें
सेमीकॉन इंडिया 2026 के अंतिम दिन की 15 घोषणाओं से पहले आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में अन्य समझौते और साझेदारियां भी सामने आई थीं। PIB के अनुसार पहले दो दिनों में 41 घोषणाएं और MoU किए गए थे।
इस तरह पूरे आयोजन में सेमीकंडक्टर डिजाइन से लेकर मैन्युफैक्चरिंग, पैकेजिंग, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप, अनुसंधान और स्किल डेवलपमेंट तक अलग-अलग क्षेत्रों को जोड़ने पर जोर दिया गया।
सेमीकॉन इंडिया 2026 की ये पहलें भारत में सेमीकंडक्टर से जुड़े घरेलू तकनीकी विकास, उद्योग-शिक्षा सहयोग और कुशल मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में चल रही गतिविधियों को सामने रखती हैं।





