चार दिन की तेजी के बाद बाजार पर लगा ब्रेक
भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार चार कारोबारी सत्रों से जारी तेजी थम गई। दिनभर बाजार दबाव में रहा और कारोबार के अंत में प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स 210.08 अंक की गिरावट के साथ 78,428.95 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 50, 159.40 अंक टूटकर 24,614.90 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में कमजोरी की बड़ी वजह बैंकिंग, आईटी और वित्तीय शेयरों में बिकवाली रही। इसके अलावा निवेशकों ने बुधवार को आने वाले RBI के मौद्रिक नीति समिति (MPC) के फैसले से पहले सतर्कता दिखाई।
बैंकिंग और आईटी सेक्टर ने बढ़ाया दबाव
मंगलवार के कारोबार में सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और आईटी सेक्टर के शेयरों पर देखने को मिला। इन क्षेत्रों में लगातार बिकवाली के चलते बाजार की तेजी कमजोर पड़ गई। निवेशकों ने नए सौदे करने से पहले RBI की ब्याज दर संबंधी घोषणा का इंतजार करना बेहतर समझा। निफ्टी 50 में ग्रासिम इंडस्ट्रीज, HDFC Life Insurance और हिंदुस्तान यूनिलीवर सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में शामिल रहे। इससे पूरे बाजार का माहौल कमजोर बना रहा।
रियल्टी सेक्टर सबसे ज्यादा टूटा
सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 2 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह दिन का सबसे कमजोर सेक्टर बन गया। इसके अलावा निफ्टी FMCG, निफ्टी बैंक और निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स भी लाल निशान में बंद हुए। वहीं व्यापक बाजार में मिला-जुला रुख देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.29 प्रतिशत गिरा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहा।
तकनीकी स्तर क्या कहते हैं?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिलहाल निफ्टी के लिए 24,750 से 24,780 का दायरा मजबूत रेजिस्टेंस बना रहेगा। यदि इंडेक्स इस स्तर के ऊपर टिकता है तो 24,900 और फिर 25,050 तक तेजी देखने को मिल सकती है। दूसरी ओर 24,460 से 24,430 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है। तकनीकी चार्ट पर छोटी बॉडी वाली कैंडल और लंबी निचली शैडो बनी है, जो यह संकेत देती है कि निचले स्तरों पर अभी भी खरीदारी की रुचि बनी हुई है।
अब RBI के फैसले पर टिकी बाजार की नजर
विशेषज्ञों का कहना है कि नए NSE क्लोजिंग मैकेनिज्म के कारण मंगलवार को बाजार में सामान्य से अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कई निवेशकों, खासकर रिटेल ट्रेडर्स, को अपनी पोजिशन समय से पहले बंद करनी पड़ी। हालांकि अगले कारोबारी सत्र की दिशा अब RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के फैसले पर निर्भर करेगी। यदि ब्याज दरों या नीति में कोई बड़ा संकेत मिलता है तो उसका असर सीधे शेयर बाजार की चाल पर दिखाई दे सकता है। निवेशकों की निगाहें अब इसी अहम घोषणा पर टिकी हुई हैं।










