UP-Bihar Flood After Nepal: नेपाल में 26 अगस्त की भीषण बाढ़ ने तबाही की ऐसी तस्वीर छोड़ी है, जिसका असर अब भी कई इलाकों में दिखाई दे रहा है. रसुवा कस्टम ऑफिस के अधिकारी करबीर गैरे ने भोटेकोशी में पानी का तेज बहाव आते देखा और आसपास मौजूद लोगों को तुरंत ऊंचाई की तरफ भागने को कहा. चेतावनी के करीब 10 सेकेंड बाद पानी का बहाव इतना तेज हो गया कि आसपास के कई ढांचे बह गए. यही कुछ सेकेंड कई लोगों के लिए जिंदगी और मौत के बीच की दूरी बन गए. नेपाल के प्रधानमंत्री ने TV21 Network को बताया है कि सरकार की प्राथमिकता अब राहत, बचाव और लापता लोगों की तलाश है.
नेपाल के फ्लड फोरकास्टिंग डिविजन के मुताबिक सुबह करीब 9 बजे तिब्बत की ओर से भोटेकोशी नदी में बाढ़ की सूचना मिली थी. इसके करीब 15 से 16 मिनट बाद रसुवा, नुवाकोट, धादिंग और चितवन जिलों में लगभग 6 लाख SMS अलर्ट भेजे गए. पहाड़ी इलाकों में अचानक आने वाली बाढ़ के बीच यह चेतावनी बेहद अहम साबित हुई. कई परिवारों ने समय रहते घरों और निचले इलाकों को छोड़कर सुरक्षित ऊंचाई वाले स्थानों का रुख किया. अब प्रशासन इस आपदा के बाद शुरुआती चेतावनी व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर दे रहा है, ताकि दोबारा ऐसी स्थिति आने पर लोगों को और पहले सूचना मिल सके.
919 मौतों के बाद भी कई परिवारों अपनों की तलाश
नेपाल और तिब्बत में आई इस आपदा का आधिकारिक मौतों का आंकड़ा 919 तक पहुंच गया है. इनमें नेपाल में 903 और चीन के तिब्बत क्षेत्र में 16 लोगों की मौत दर्ज की गई है. नेपाल में 4,247 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जबकि संयुक्त क्षेत्र में लापता लोगों की संख्या इससे और ज्यादा है. कई परिवारों को अब तक यह पता नहीं है कि उनके अपने जिंदा हैं या बाढ़ के तेज बहाव में बह गए. नेपाल में बचाव अभियान जारी है, लेकिन मलबे, टूटी सड़कों और खराब मौसम के कारण राहत टीमों को कई जगहों पर मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.
DNA से होगी पहचान, परिवारों से मांगे जा रहे सैंपल
लापता लोगों की पहचान के लिए नेपाल पुलिस अब उनके परिवारों से DNA सैंपल ले रही है. माता-पिता, बच्चों और करीबी रिश्तेदारों से नमूने देने के साथ यह जानकारी भी मांगी जा रही है कि लापता व्यक्ति को आखिरी बार कब और कहां देखा गया था. नेपाल के बाहर रह रहे ऐसे परिवारों से अपने देश में DNA प्रोफाइलिंग कराकर रिपोर्ट ईमेल के जरिए नेपाल पुलिस तक भेजने को कहा गया है. उत्तर प्रदेश के महराजगंज में नारायणी-गंडक नदी से मिले चार अज्ञात शवों के DNA सैंपल भी लिए गए हैं. इनमें तीन महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं. शवों को नेपाल प्रशासन को सौंप दिया गया है.
नेपाल की बाढ़ का असर यूपी तक, गंडक में मिले शव
नेपाल में आई तबाही का असर अब भारत के सीमावर्ती इलाकों तक साफ दिखाई दे रहा है. उत्तर प्रदेश के महराजगंज और आसपास के इलाकों में नेपाल से बहकर आने वाली नारायणी-गंडक नदी में शव बरामद किए गए हैं. अधिकारियों के मुताबिक महराजगंज में मिले चार शवों की पहचान नहीं हो सकी थी, इसलिए पोस्टमॉर्टम के दौरान DNA सैंपल सुरक्षित रखे गए. इससे पहले महराजगंज और कुशीनगर में कई और शव मिलने की जानकारी सामने आई थी. गंडक नदी नेपाल से निकलकर भारत में आती है, इसलिए वहां की बाढ़ का असर सीमा पार भी पहुंच गया. इस वजह से पूर्वी यूपी के नदी किनारे बसे गांवों में भी लोगों की चिंता बढ़ी हुई है.
चीन पर डेटा साझा करने को लेकर सवाल, रेस्क्यू जारी
आपदा के बाद नेपाल में चीन से ग्लेशियर, पानी के स्तर और अचानक बाढ़ से जुड़े डेटा को लेकर सवाल भी उठे हैं. नेपाल के अधिकारियों ने ज्यादा शुरुआती जानकारी साझा करने की जरूरत बताई है, जबकि चीन का कहना है कि जरूरी मौसम और आपदा संबंधी सूचनाएं समय पर साझा की गई थीं. दूसरी ओर हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स की सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है. त्रिशूली-3A समेत कई परियोजनाओं में मलबा हटाने के लिए भारी मशीनों और विशेषज्ञ टीमों की मदद ली जा रही है. नेपाल के साथ भारत और चीन के विशेषज्ञ भी बचाव अभियान में सहयोग कर रहे हैं.





