कदौरा न्यूजः कदौरा से नाका होकर मरगया जाने वाला मार्ग इन दिनों ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है. जालौन जिले की जर्जर सड़क को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है. ग्रामीणों का कहना है कि सड़क लंबे समय से खराब है और जगह-जगह गड्ढे व टूटे हिस्से होने से आवागमन मुश्किल हो गया है. उनका सवाल है कि विधायक और सांसद महोदय से लेकर जिम्मेदार अधिकारियों तक समस्या पहुंचने के बावजूद ध्यान क्यों नहीं दिया जा रहा. ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क करीब दो साल भी पुरानी नहीं हुई और हालत खराब हो गई. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर सड़क निर्माण में हुई कथित लीपापोती की जांच कौन करेगा.
इस कदौरा-नाका-मरगया मार्ग की बदहाली का सबसे गंभीर असर स्कूल जाने वाले बच्चों पर पड़ रहा है. ग्रामीणों के मुताबिक रोजाना बच्चे इसी रास्ते से स्कूल आते-जाते हैं. सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और टूटे हिस्से होने के कारण कभी भी दुर्घटना हो सकती है. ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ कब तक चलता रहेगा. इसी मार्ग से मरीजों को भी ले जाना पड़ता है, लेकिन खराब सड़क के कारण उन्हें अस्पताल तक पहुंचाने में काफी दिक्कत होती है. ग्रामीणों का सीधा सवाल है कि जब समस्या इतनी गंभीर है तो अभी तक कोई अधिकारी मौके पर जांच करने क्यों नहीं पहुंचा. Jalaun News में यह सड़क अब बड़ा स्थानीय मुद्दा बनती जा रही है.
जांच और मरम्मत की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि यदि कदौरा क्षेत्र की सड़क इतनी खराब स्थिति में है तो संबंधित विभाग को तत्काल स्थलीय निरीक्षण कराना चाहिए. सड़क की तकनीकी स्थिति की जांच हो और जरूरत के मुताबिक मरम्मत या दोबारा निर्माण कराया जाए. ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन और संबंधित विभाग से मौके पर पहुंचकर सड़क की वास्तविक स्थिति देखने की मांग की है. उनका कहना है कि विकास की बात तभी पूरी मानी जाएगी, जब गांवों को जोड़ने वाली सड़कें सुरक्षित और चलने लायक हों. ग्रामीण यह भी पूछ रहे हैं कि क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही विभाग की नींद टूटेगी. कदौरा सड़क समस्या को लेकर अब ग्रामीण स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं.
ग्रामीणों ने मिलकर आवाज उठाई
सड़क की बदहाली को लेकर नाका निवासी कल्लू प्रधान, लतीफ खां, रज्जाक, बाबू, हनीफ, मेंबर मुताज अली और मुबीन ने चिंता जताई. वहीं मरगया निवासी विकास कुमार, शैलेंद्र, बृजेश, सोनू, रज्जू, विवेक, धर्मेंद्र लम्बरदार, रामकरण कुशवाहा, पंकज ठाकुर और अमित समेत अन्य ग्रामीणों ने भी जल्द कार्रवाई की मांग की. ग्रामीणों का कहना है कि वे किसी तरह की चेतावनी नहीं दे रहे, बल्कि अपनी समस्या का समाधान चाहते हैं. उनका कहना है कि जिम्मेदार विभाग को तत्काल मौके पर पहुंचकर सड़क की स्थिति देखनी चाहिए. Jalaun road news के इस मामले में ग्रामीणों की मांग है कि सिर्फ खानापूर्ति न हो, बल्कि सड़क का स्थायी समाधान किया जाए.
अब जवाबदेही का समय आया
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या संबंधित विभाग कदौरा से नाका होकर मरगया जाने वाले मार्ग की हकीकत देखने मौके पर पहुंचेगा. क्या स्कूल के बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता मिलेगी. क्या सड़क की तकनीकी जांच कराकर खराब हिस्सों की मरम्मत या निर्माण कराया जाएगा. ग्रामीण पूछ रहे हैं कि जब सड़क लगभग दो साल भी नहीं हुई और इतनी खराब हो गई तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है. Jalaun News Today के इस स्थानीय मुद्दे में ग्रामीणों की निगाह अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है.






