कोयले की कमी पर मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट की
उत्तर प्रदेश में बिजली उत्पादन के लिए कोयले की उपलब्धता को लेकर सामने आई खबरों के बीच कोयला मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट की है। मंत्रालय के मुताबिक, 15 सितंबर 2026 तक उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (UPRVUNL) के किसी भी ताप विद्युत संयंत्र में कोयले की गंभीर कमी नहीं थी। मंत्रालय ने कहा कि कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) राज्य की कोयले की जरूरत पूरी करने के लिए लगातार आपूर्ति कर रहा है।
सहरपुर जमरपानी ब्लॉक पर जोर
मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश को अपने कैप्टिव कोयला ब्लॉक के विकास में तेजी लाने की सलाह दी है। झारखंड के दुमका जिले में स्थित सहरपुर जमरपानी कोयला ब्लॉक में 973 मिलियन टन से अधिक भंडार बताया गया है। इस ब्लॉक का आवंटन 13 अगस्त 2015 को UPRVUNL को किया गया था। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश के ताप विद्युत संयंत्रों की कोयले की जरूरत को पूरा करना है।
दस साल बाद भी उत्पादन शुरू नहीं
कोयला मंत्रालय के अनुसार, आवंटन को एक दशक से अधिक समय बीतने के बाद भी सहरपुर जमरपानी ब्लॉक से उत्पादन शुरू नहीं हो पाया है। मंत्रालय ने कहा है कि इस वजह से उत्तर प्रदेश के बिजली संयंत्रों की कोयले की जरूरत बाहरी स्रोतों, मुख्य रूप से CIL की आपूर्ति, से पूरी की जा रही है। मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश को ब्लॉक के विकास के लिए तत्काल कदम उठाने की सलाह दी है।
सरकारी रिकॉर्ड में भी सहरपुर-जमर्पानी ब्लॉक को UPRVUNL के लिए आवंटित ब्लॉक के रूप में दर्ज किया गया है। 2023 के एक सरकारी दस्तावेज में ब्लॉक के विकास से जुड़ी प्रक्रिया में MDO चयन और अन्य प्रशासनिक व क्षेत्रीय अड़चनों का उल्लेख किया गया था।
कोयले का स्टॉक बढ़ा
मंत्रालय के अनुसार UPRVUNL के ताप विद्युत संयंत्रों में कोयले का स्टॉक हाल के दिनों में बढ़ा है। 1 सितंबर 2026 को यह स्टॉक 7.25 लाख टन था, जो 15 सितंबर तक बढ़कर 8.41 लाख टन हो गया। पिछले सात दिनों में औसत दैनिक कोयला प्राप्ति करीब 0.90 लाख टन रही, जबकि औसत दैनिक खपत करीब 0.83 लाख टन बताई गई। इससे स्टॉक में बढ़ोतरी हुई।
CIL की रेल आपूर्ति भी जारी
कोयला मंत्रालय ने बताया कि पिछले 10 दिनों में CIL ने UPRVUNL के बिजली संयंत्रों को औसतन करीब 17.7 रेक प्रतिदिन कोयले की आपूर्ति की। मंत्रालय के मुताबिक, 3 सितंबर को UPRVUNL समेत जेनकोस और IPPs को अतिरिक्त मात्रा में रेल आपूर्ति की पेशकश भी की गई थी, ताकि ताप विद्युत संयंत्रों में कोयले का स्टॉक और बढ़ाया जा सके।
संयंत्रों की परिचालन स्थिति भी अहम
मंत्रालय ने यह भी बताया कि कुछ संयंत्रों में माल उतारने से जुड़ी बाधाओं के कारण रेलवे द्वारा समय-समय पर रेक की तैनाती पर प्रतिबंध लगाए जाते हैं। मंत्रालय के अनुसार, 8 लाख टन से अधिक कोयला भंडार होने के बावजूद UPRVUNL के ताप विद्युत संयंत्रों का चालू महीने का प्लांट लोड फैक्टर करीब 48 प्रतिशत है। मंत्रालय ने कहा कि कम उत्पादन को केवल कोयले की उपलब्धता की कमी से नहीं जोड़ा जा सकता।
दीर्घकालिक ईंधन सुरक्षा पर जोर
कोयला मंत्रालय और CIL ने उत्तर प्रदेश समेत देश में कोयले की आपूर्ति जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है। मंत्रालय ने साथ ही उत्तर प्रदेश को सहरपुर जमरपानी कैप्टिव ब्लॉक के विकास को प्राथमिकता देने की सलाह दी है। मंत्रालय के अनुसार, इससे बाहरी कोयला स्रोतों पर निर्भरता कम करने और ताप विद्युत संयंत्रों के लिए लंबे समय की ईंधन सुरक्षा मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
स्रोत: प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), कोयला मंत्रालय, भारत सरकार | रिपोर्ट: TV 21 Network






