ब्रेकिंग न्यूज़

---Advertisement---
On: September 17, 2026 11:47 PM

गांव में काम शुरू करने का मौका, ₹10 लाख तक लोन के साथ ब्याज में भी राहत; जानिए कौन उठा सकता है लाभ?

UP Mukhyamantri Gramodyog Rojgar Yojana: गांव में रोजगार शुरू करने की सोच रहे युवाओं और ग्रामीण उद्यमियों के लिए मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना में ₹10 लाख तक के ऋण पर ब्याज अनुदान का प्रावधान है. योजना में पात्रता, स्व योगदान, ब्याज राहत और लाभार्थी चयन की शर्तें तय हैं, जिनके आधार पर ग्रामीण इकाइयों को सहायता मिलती है.

WhatsApp Join
📢 TV 21 Network से जुड़ें | रिपोर्टर बनें | खबर, फोटो व वीडियो भेजें | विज्ञापन और प्रमोशन के लिए WhatsApp करें: 7060266536

HIGHLIGHTS

₹10 लाख तक ऋण का प्रावधान
18 से 50 साल तक के लोग पात्र
सामान्य वर्ग को 10% स्व योगदान
आरक्षित वर्ग को 5% स्व योगदान
ब्याज पर मिलेगी सरकारी राहत
जिला स्तर पर होगा लाभार्थी चयन

UP Gramodyog Rojgar Yojana: गांव में रोजगार के लिए अब सिर्फ नौकरी की तलाश ही रास्ता नहीं है. अगर कोई ग्रामीण अपना काम शुरू करना चाहता है, तो मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना उसके लिए एक विकल्प रखती है. योजना का खास पहलू यह है कि ग्रामीण उद्यमियों को बैंक के जरिए 10.00 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता मिल सकती है. इसका मकसद गांव में ही रोजगार के मौके बढ़ाना और ग्रामीण शिक्षितों का शहरों की ओर पलायन हतोत्साहित करना है. यानी गांव में छोटी ग्रामोद्योग इकाई शुरू करने की सोच रखने वालों के लिए योजना में ऋण के साथ ब्याज अनुदान का भी प्रावधान है. यही इसका अहम पहलू है.

योजना उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में व्यक्तिगत उद्यमियों के लिए लागू है और अधिसूचना जारी होने की तारीख से 5 साल तक इसकी अवधि बताई गई है. ग्रामीण क्षेत्र की परिभाषा समय-समय पर खादी ग्रामोद्योग आयोग, भारतीय रिजर्व बैंक और पंचायत राज संहिता के तहत तय व्यवस्था से जुड़ी है. योजना को जनपदों में जिलाधिकारी के सीधे नियंत्रण में खादी तथा ग्रामोद्योग विभाग लागू करेगा. संबंधित गांव या ग्रामीण क्षेत्र में सेवा देने वाले व्यवसायिक और ग्रामीण बैंक नियमानुसार ऋण उपलब्ध कराएंगे. इस तरह मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना में बैंक, जिला प्रशासन और ग्रामोद्योग विभाग की भूमिका जुड़ती है.

गांव के लोगों की पात्रता साफ
योजना में हर व्यक्ति को स्वत: लाभ मिलने की बात नहीं है. लाभार्थी चयन के लिए अलग पात्रता और पहचान प्रक्रिया रखी गई है. खासकर प्रशिक्षण, ग्रामीण निवासी होने और स्वरोजगार की जरूरत को महत्व दिया गया है. योग्य उद्यमियों में ये लोग शामिल हैं:

  1. औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान या पॉलिटेकनिक से प्रशिक्षित उम्मीदवारों को प्राथमिकता.
  2. शिक्षित बेरोजगार युवा, जिनकी सरकारी सेवा की आयु समाप्त हो गई है.
  3. TRYSEM और किसी अन्य सरकारी योजना के तहत प्रशिक्षित उम्मीदवार.
  4. स्वरोजगार में रुचि रखने वाली पारंपरिक कारीगर महिलाएं.
  5. ग्राम उद्योग विषय के साथ 10 + 2 व्यावसायिक शिक्षा पास उम्मीदवार.
  6. संबंधित जिले के रोजगार कार्यालय में पंजीकृत उम्मीदवार.

लाभार्थियों की पहचान डीएम, सीडीओ या एसडीएम की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय समिति करेगी या यूपी खादी ग्राम उद्योग बोर्ड की गठित समिति यह काम करेगी.

दस लाख ऋण पर ब्याज राहत
मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना में पात्र लाभार्थी को पहले चरण में टर्म लोन या वर्किंग कैपिटल के लिए 10 लाख रुपये तक के ऋण पर ब्याज अनुदान मिलेगा. यहां सामान्य और आरक्षित श्रेणी के लिए स्व योगदान अलग रखा गया है. योजना के अनुसार:

सामान्य श्रेणी के लिए बैंक ऋण का स्व योगदान 10% होगा.

  1. एससी / एसटी / महिला / पीएच / ओबीसी / भूतपूर्व सैनिक के लिए कुल परियोजना लागत का 5% होगा.
    सामान्य उम्मीदवारों के लिए 4% से अधिक की ब्याज दर, जो 10% के अधीन है, ब्याज सब्सिडी के रूप में वहन की जाएगी.
  2. एससी / एसटी, ओबीसी, महिला, पूर्व सैनिक और पीएच / वीएच श्रेणी के लिए ब्याज दर पूरी तरह छूट दी जाएगी और ब्याज अनुदान उत्तर प्रदेश सरकार वहन करेगी.
    चयन से पहले जांच जरूरी होगी

योजना में लाभार्थी की पहचान के बाद भी ऋण मंजूर करने से पहले कुछ बातों की पुष्टि जरूरी है. उधारकर्ता ने प्रशिक्षण प्राप्त किया हो, वह गांव का निवासी और स्थायी रूप से वहीं रहने वाला हो तथा यूनिट स्थापित करने के लिए मार्जिन मनी की जरूरत हो. चयन के लिए उम्र और स्थानीय जरूरत से जुड़े मानदंड भी दिए गए हैं:

  1. उधारकर्ता की आयु 18 साल से कम नहीं और 50 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.
  2. 50% उधारकर्ता SC / ST / O.B.C वर्ग से होने चाहिए.
  3. स्थानीय स्तर पर कच्चे माल की उपलब्धता के आधार पर ग्रामोद्योग इकाइयों की पहचान की जानी चाहिए.
  4. स्थानीय लोगों की दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने वाली वस्तुओं के उत्पादन वाली इकाइयों को प्राथमिकता दी जाएगी.
  5. मार्जिन मनी, सुरक्षा और गारंटी भारतीय रिजर्व बैंक के समय-समय पर जारी दिशानिर्देशों के अनुसार ली जाएगी. भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा 5.00 लाख रुपये के ऋण की गारंटी पर छूट दी जाती है.

ब्याज सब्सिडी ऐसे आगे बढ़ेगी
योजना में सिर्फ ऋण देने तक प्रक्रिया सीमित नहीं है. ऋण मंजूर होने के बाद ब्याज सब्सिडी से जुड़ी प्रक्रिया भी तय की गई है. जिला ग्रामोद्योग अधिकारी ब्याज सब्सिडी पात्रता प्रमाण पत्र जारी करेगा और निर्धारित प्रारूप में इसे नवीनीकृत करेगा. यह प्रक्रिया अनुबंध-A से जुड़ी है. योजना के तहत पुनर्वित्त सिडबी / नाबार्ड द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा. योजना का कार्यक्षेत्र उत्तर प्रदेश के परिभाषित ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ा है और इसका उद्देश्य गांव में रोजगार के अवसर बढ़ाना है. इस योजना में व्यवसायिक तथा ग्रामीण बैंक नियमों के अनुसार ऋण उपलब्ध कराते हैं, जबकि जिला स्तर पर खादी तथा ग्रामोद्योग विभाग की भूमिका रहती है.

(रिपोर्टः TV21 Network)

TV 21 Network Official Logo – हिंदी न्यूज़ वेबसाइट | ब्रेकिंग न्यूज़, ताज़ा समाचार और विश्वसनीय खबरें

TV 21 Network Desk

TV 21 Network की संपादकीय टीम, जो देश-दुनिया, उत्तर प्रदेश, स्थानीय, राजनीति, अपराध, शिक्षा, व्यापार, खेल, मनोरंजन और टेक्नोलॉजी से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक तेज़, सटीक और निष्पक्ष तरीके से पहुंचाने का प्रयास करती है. हमारा उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जमीनी मुद्दों और जनसरोकार से जुड़ी खबरों को प्रमुखता देना है.

Leave a Comment