25 लाख युवाओं के लिए बड़ा ऐलान
उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए सरकार ने डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 25 लाख टैबलेट खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। इन टैबलेट को पात्र युवाओं के बीच मुफ्त वितरित किया जाएगा। यह फैसला स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत लिया गया है। सरकार का उद्देश्य युवाओं को पढ़ाई के साथ-साथ डिजिटल संसाधनों तक आसान पहुंच देना है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद टेंडर प्रक्रिया में चयनित संस्थाओं को टैबलेट की आपूर्ति के लिए क्रय आदेश जारी किए जाएंगे।
किन युवाओं को मिलेगा Free Tablet
इस योजना का लाभ केवल किसी एक कोर्स तक सीमित नहीं है। स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, स्वास्थ्य शिक्षा, कौशल विकास प्रशिक्षण और ITI से जुड़े पंजीकृत पात्र युवाओं को शामिल किया गया है। स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा और विभिन्न शिक्षण-प्रशिक्षण कार्यक्रमों में पढ़ने वाले योग्य विद्यार्थियों को भी इसका लाभ मिल सकता है। यानी योजना का दायरा काफी बड़ा रखा गया है। हालांकि किसी छात्र को टैबलेट मिलने की अंतिम पात्रता उसके संस्थान और सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार तय होगी। इसलिए छात्रों को अपने कॉलेज या संबंधित संस्थान से जानकारी लेते रहना चाहिए।
₹2,374.60 करोड़ का बजट
सरकार ने इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में ₹2,374.60 करोड़ का बजट प्रावधान किया है। योजना पांच वर्ष के लिए लागू है। सरकार का कहना है कि डिजिटल उपकरण मिलने से युवाओं को पढ़ाई और प्रशिक्षण के दौरान ऑनलाइन संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही वे रोजगार, स्वरोजगार, ऑनलाइन ट्रेनिंग और सरकारी व गैर-सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी भी आसानी से हासिल कर सकेंगे। योजना का मकसद सिर्फ टैबलेट बांटना नहीं, बल्कि युवाओं की डिजिटल क्षमता और रोजगारपरक कौशल को मजबूत करना है।
पहले भी लाखों युवाओं को मिला लाभ
उत्तर प्रदेश सरकार पहले भी इस योजना के तहत बड़ी संख्या में युवाओं को टैबलेट और स्मार्टफोन उपलब्ध करा चुकी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार अब तक करीब 60 लाख टैबलेट और स्मार्टफोन पात्र युवाओं को दिए जा चुके हैं। अब 25 लाख और टैबलेट की खरीद को मंजूरी मिलने से बड़ी संख्या में नए लाभार्थियों के जुड़ने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि डिजिटल साधनों की उपलब्धता से शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है। खासकर ऐसे विद्यार्थी जिन्हें ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल सामग्री और रोजगार से जुड़ी सेवाओं तक पहुंच में परेशानी होती है, उन्हें इससे मदद मिल सकती है।
छात्रों को अब क्या करना चाहिए
कैबिनेट की मंजूरी के बाद अगला चरण टैबलेट की खरीद और वितरण से जुड़ा होगा। छात्रों को अभी किसी अनधिकृत वेबसाइट या व्यक्ति को पैसे देकर टैबलेट लेने का दावा करने वाले झांसे में नहीं आना चाहिए। पात्रता, लाभार्थी सूची और वितरण से जुड़ी आधिकारिक जानकारी अपने कॉलेज, विश्वविद्यालय या संबंधित सरकारी माध्यम से ही जांचनी चाहिए। योजना का वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि पात्र युवाओं तक टैबलेट कितनी तेजी और पारदर्शिता से पहुंचते हैं। अगर वितरण प्रक्रिया सुचारू रहती है, तो यह कदम उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए डिजिटल शिक्षा, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों तक पहुंच मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।










