मजबूत मांग और नए ऑर्डरों में बढ़ोतरी के चलते भारत के सेवा क्षेत्र ने अक्टूबर में चार महीने की सबसे तेज वृद्धि दर्ज की. एचएसबीसी के ताजा परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) के आंकड़ों के अनुसार, सेवा क्षेत्र का पीएमआई सितंबर के 55.2 से बढ़कर अक्टूबर में 55.8 पर पहुंच गया. यह पिछले चार महीनों का सर्वोच्च स्तर है और सेवा क्षेत्र में लगातार मजबूत कारोबारी गतिविधियों का संकेत देता है.
सर्विसेज पीएमआई का स्तर 50 से ऊपर रहना आर्थिक गतिविधियों में विस्तार को दर्शाता है. अक्टूबर में यह न केवल 50 के तटस्थ स्तर से काफी ऊपर रहा, बल्कि इसने अपने दीर्घकालिक औसत से भी बेहतर प्रदर्शन दर्ज किया. सकारात्मक संकेत यह भी रहा कि इनपुट लागत मुद्रास्फीति अगस्त 2020 के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई. इसके साथ ही, सेवा प्रदाताओं द्वारा ग्राहकों से वसूले जाने वाले शुल्कों में वृद्धि की गति भी जून के बाद सबसे कमजोर रही.
कंपोजिट PMI भी बढ़कर 56.2 पर पहुंचा
सेवा और विनिर्माण दोनों क्षेत्रों को मिलाकर तैयार किया जाने वाला समग्र पीएमआई (कंपोजिट पीएमआई) सितंबर के 55.9 से बढ़कर अक्टूबर में 56.2 पर पहुंच गया. यह पिछले चार महीनों में कुल आर्थिक उत्पादन में सबसे तेज बढ़ोतरी को दर्शाता है और देश में मजबूत कारोबारी गतिविधियों का संकेत देता है.
निर्यात ऑर्डरों की वृद्धि दर फरवरी 2023 के बाद सबसे धीमी
एचएसबीसी की मुख्य भारत अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा कि भारत का सेवा क्षेत्र पीएमआई अक्टूबर में बढ़कर 55.8 पर पहुंच गया, जो चार महीने का उच्चतम स्तर है. उन्होंने बताया कि कारोबारी परिस्थितियों में सतर्क सुधार देखने को मिला है. हालांकि, कुल मांग मजबूत बनी रही, लेकिन निर्यात ऑर्डरों की वृद्धि दर फरवरी 2023 के बाद सबसे धीमी रही.
उन्होंने कहा कि इनपुट और आउटपुट दोनों कीमतों में बढ़ोतरी जारी रही, लेकिन इसकी गति सितंबर की तुलना में कम रही. इससे मुद्रास्फीति के दबाव में कुछ राहत के संकेत मिले हैं.
वित्त एवं बीमा क्षेत्र में सबसे तेज वृद्धि
पीएमआई सर्वेक्षण के अनुसार, सेवा अर्थव्यवस्था के सभी चार प्रमुख क्षेत्रों में नए कारोबार और उत्पादन में तेज वृद्धि दर्ज की गई. इनमें वित्त एवं बीमा क्षेत्र सबसे आगे रहा, जबकि रियल एस्टेट और बिजनेस सर्विसेज क्षेत्र का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा.
घरेलू बाजार से मिली बिक्री को सबसे ज्यादा मजबूती
आंकड़ों से यह भी पता चला है कि अक्टूबर में बिक्री वृद्धि का मुख्य स्रोत घरेलू बाजार रहा. भारतीय उपभोक्ताओं और व्यवसायों से मिली मांग ने सेवा क्षेत्र के विस्तार में महत्वपूर्ण योगदान दिया.
अगले 12 महीनों में कारोबार बढ़ने की उम्मीद
भविष्य को लेकर भी सेवा क्षेत्र की कंपनियां आशावादी बनी हुई हैं. सर्वेक्षण में शामिल सेवा प्रदाताओं ने अगले 12 महीनों के दौरान उत्पादन और कारोबार में और वृद्धि की उम्मीद जताई है.
लंबित कार्यों में कमी, रोजगार वृद्धि की रफ्तार धीमी
इस बीच, ताजा आंकड़ों से यह भी पता चला कि सेवा क्षेत्र की कंपनियां लंबित कार्यों को तेजी से पूरा करने में सफल रहीं. पिछले चार महीनों में तीसरी बार अधूरे कार्यों की मात्रा में कमी आई है. हालांकि, यह गिरावट सीमित रही, जिसके चलते अक्टूबर के दौरान रोजगार वृद्धि की गति थोड़ी धीमी पड़ गई.
ये भी पढ़ेंः भारत में पहली बार होगी अंतरराष्ट्रीय विधि मापन समिति की 61वीं बैठक
विनिर्माण क्षेत्र की तुलना में सेवा क्षेत्र में महंगाई का दबाव कम
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि सेवा क्षेत्र में महंगाई का दबाव विनिर्माण क्षेत्र की तुलना में कम रहा. इससे संकेत मिलता है कि सेवा उद्योग लागत नियंत्रण के मामले में अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में है और इससे आने वाले महीनों में उपभोक्ताओं को भी राहत मिल सकती है.
देश की राजनीति, क्राइम, लोकल, शिक्षा, व्यापार, खेल की हर छोटी-बड़ी खबरों की सटीक जानकारी के लिए TV21 Network से जुड़े रहें. ताजा खबरें पढ़ने या राजनीति के हर छोटी-बड़ी बारीकी को समझने के लिए TV21 Network चैनल को सब्सक्राइब करें. हर छोटी-बड़ी खबरों के अपडेट के लिए एक कदम आगे रहें.
Google पर खबरों में TV 21 Network ज़्यादा देखना चाहते हैं?
⭐ हमें अपना Preferred Source बनाएं







2 thoughts on “भारत के सर्विस सेक्टर की ग्रोथ 4 महीने के उच्चतम स्तर पर, अक्टूबर में PMI बढ़कर 55.8 पहुंचा”