ब्रेकिंग न्यूज़
उत्तर प्रदेश—चित्रकूट के छुलछुलिया नदी पर बनेगा पुल, 10.09 करोड़ रुपये की परियोजना का भूमि पूजन क्राइम—बाराबंकी मर्डर केस: 10 साल पहले की लव मैरिज का खौफनाक अंत, पत्नी की हत्या कर पति फरार खेल—IPL 2026: विदेश से ऑक्शन हटाने का फैसला, फ्रेंचाइजियों की लॉजिस्टिक परेशानी बनी बड़ी वजह टेक्नोलॉजी—सेमीकॉन इंडिया 2026 का समापन, 15 बड़ी घोषणाएं हुईं राष्ट्रीय—दीवाली पर पटाखे-सुतली बम फोड़ने के नियम क्या हैं? सुप्रीम कोर्ट ने तय की टाइमिंग, जानिए कहां है पूरी पाबंदी पॉलिटिक्स—जालौन में 2027 का चुनावी गणित: माधौगढ़-उरई-कालपी तीनों सीटों पर क्या कहते हैं जातीय समीकरण? भारत—भारत-न्यूजीलैंड FTA लागू, निर्यातकों को मिलेंगे नए अवसर मनोरंजन—रामायण फिल्म में 4000 से ज्यादा गहने क्यों बनाए गए? राम, सीता से लेकर रावण तक के आभूषणों की जानें कहानी विज्ञान—पर्यावरण पर पीएम मोदी का बड़ा संदेश, गिनाईं भारत की उपलब्धियां विदेश—Real Madrid को क्यों कहा जाता है दुनिया का सबसे सफल फुटबॉल क्लब? 15 यूरोपीय खिताब से लेकर कमबैक की पूरी कहानी व्यापार—रामलीला मैदान के पास कितने बाजार, दिल्ली में राहुल गांधी की रैली से व्यापारियों को होगा जबरदस्त फायदा या घाटा? शिक्षा—कौन हैं सीमा द्विवेदी की बहू? जिन्होंने पास की MDS परीक्षा, जानें उनकी उपलब्धि स्थानीय—अयोध्या: तकपुरा गांव की सीसी सड़क निर्माण में ऐसा क्या हुआ? देखते ही भड़क उठे ग्रामीण स्वास्थ्य—सुबह उठते ही मुंह सूखा क्यों रहता है? लोग Google पर सर्च क्यों कर रहे ये सवाल, जानिए 7 बड़ी वजह

---Advertisement---
On: October 20, 2026 12:45 PM

यूपी चुनाव-2027: कुंडा में 33 साल से राजा भैया का राज, अब अखिलेश ने चली नई चाल, जानिए जातीय समीकरण

उत्तर प्रदेश के 2027 के चुनाव में कुंडा विधानसभा सीट पर चुनाव इस बार दिलचस्प होने वाला है. यहां पर पिछले 33 सालों से रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया लगातार चुनाव जीत रहे हैं. आइए आपको राजा भैया के इतिहास से लेकर कुंडा सीट का जातीय समीकरण के बारे में विस्तार से बताते रहे हैं.

WhatsApp Join
📢 TV 21 Network से जुड़ें | रिपोर्टर बनें | खबर, फोटो व वीडियो भेजें | विज्ञापन और प्रमोशन के लिए WhatsApp करें: 7060266536

up chunav 2027 kunda assembly elections

यूपी विधानसभा चुनाव 2027 के लिहाज से उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले की कुंडा सीट काफी अहम मानी जाती है. इस सीट को लेकर बीजेपी-सपा में चुनाव से पहले ही खींचतान शुरू हो गई है. आंकड़े बताते हैं, कि इस सीट पर जातीय समीकरण हिसाब से रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया का हमेशा से बजूद रहा है. लेकिन 2027 के चुनाव में हर साल के मुकाबले कुछ अलग होने वाला है. इसकी भी बड़ी वजह हैं. आइए आपको कुंडा विधानसभा सीट के इतिहास से लेकर जातीय समीकरण के बारे में विस्तार से बताते हैं.

कुंडा विधानसभा सीट की संख्या 246 है, जो कि कौशांबी लोकसभा इलाके की सबसे अहम सीट मानी जाती है. इस सीट पर जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया पिछले 33 साल से चुनाव जीतते आ रहे हैं. बात करें 2022 के विधानसभा चुनाव की तो समाजवादी पार्टी के गुलशन यादव को राजा भैया ने 30 हजार वोटों के बड़े अंतर से हराया था. लेकिन उसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में हवा दूसरी दिशा में चली. कुंडा विधानसभा खंड में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी को बीजेपी प्रत्याशी के मुताबिक, 36,187 वोट की बढ़त दिखाई दी. इन आंकड़ों के मुताबिक, 2027 के चुनाव में कुंडा सीट का गणित उलटा पड़ने वाला है.

कुंडा से राजा भैया चुनाव क्यों जीतते हैं?
पिछले 33 सालों से राजा भैया के चुनाव जीतने की कई वजह हैं. सबसे पहला तो कुंडा सीट का जातीय समीकरण हर सीट के मुकाबले कुछ अलग माना जाता है. लेकिन जातीय समीकरण के अलावा, कई ऐसी वजह हैं, जिसे जानना बहुत जरूरी है.

रियासतीः राजा भैया, कुंडा की भदरी रियासत के पूर्व राजपरिवार से आते हैं. उनका इलाके में पुराना रसूख माना जाता है.

स्थानी पकड़ः कुंडा के लोगों का कहना है कि राजा भैया जनता के लिए हमेशा खड़े रहते हैं. सुख-दुख में खड़े होने की वजह से जमीनी पकड़ मजबूत मानी जाती है.

बाहुबली नेताः उत्तर प्रदेश में सबसे प्रभावशाली और बाहुबली नेता के रूप में जाने जाते हैं. इनकी छवि ऐसी है कि इनके सामने कोई भी पार्टी उम्मीदवार उतारने में कांपती है.

सभी पर फोकसः राजा भैया की सबसे खास बात यह है कि कुंडा के रहने वाले सभी वोटरों में अच्छी पकड़ है. जातीय समीकरण से ऊपर उठकर अन्य सभी समुदायों-बिरादरियों का समर्थन हासिल करने में सक्षम माने जाते हैं.

सभी सरकारों में मंत्रीः राजा भैया, समाजवादी पार्टी और बीजेपी दोनों सरकारों में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं. जिससे उन्होंने इलाके में विकास कार्य से लेकर प्रशासनिक पकड़ भी मजबूत है.

कुंडा विधानसभा का जानें जातीय समीकरण
कुंडा विधानसभा सीट पर हर वर्ग के लोग रहते हैं. इनमें सामान्य वर्ग से लेकर ओबीसी और अनुसूचित जाति भी शामिल हैं. यहां पर यादव, अनुसूचित जाति, मुस्लिम, ब्राह्मण, क्षत्रिय और दूसरे OBC समुदाय चुनाव में हार-जीत को तय करते हैं. लेकिन 2026 की नई मतदाता सूची में कुंडा विधानसभा सीट पर 3,12,461 वोटर दर्ज हैं. चलिए कुंडा में जातीय समीकरण के आंकड़ों को बारीकी से समझिए.

SC वोटरः 70 से 75 हजार
मुस्लिम वोटरः 52 से 55 हजार
यादव वोटरः 48 से 50 हजार
ब्राह्मण वोटरः 40 हजार
क्षत्रिय वोटरः 20 से 21 हजार

कुंडा सीट पर किसका दबदबा ?
इन आंकड़ों के बावजूद भी कुंडा विधानसभा सीट की सबसे दिलचस्प बात यह मानी जाती है कि यहां पर जीत-हार का गणित किसी जातिगत जोड़ घटाव से तय नहीं हो पाया है. इस सीट पर सबसे ज्यादा यादव और मुस्लिम वोटरों को अहम माना गया है, जबकि दलति, ब्राह्मण और क्षत्रिय वोटर भी बड़ी भूमिका निभाते हैं. इसके बावजूद भी रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने इन सभी वोटरों को अपने पाले में लाकर बड़ी जीत दर्ज की थी. हालांकि, 2022 के चुनाव में जरूर समाजवादी पार्टी से गुलशन यादव के सामने मुकाबला थोड़ा रोमांचक हो गया था. उसके बावजदू भी राजा भैया ने 50 फीसदी से ज्यादा वोट लाकर कुंडा सीट को अपने पास रखी.

कुंडा सीट पर सपा का सियासी दांव
लेकिन 2027 के चुनाव में कुंडा विधानसभा सीट पर चुनाव काफी रोचक होने वाला है. क्योंकि समाजवादी पार्टी के निशाने पर कुंडा से विधायक राजा भैया बने हुए हैं. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने राजा भैया के करीबी माने जाने वाले शैलेंद्र पासी और बाबागंज के पूर्व बीजेपी प्रत्याशी केशव पासी को समाजवादी पार्टी में शामिल कर नया सियासी दांव लगाया है. इससे पहले 2022 के चुनाव में राजा भैया के सामने समाजवादी पार्टी ने उनके पुराने करीबी गुलशन यादव को मैदान में उतारा था. इस लिहाज से 2027 का चुनाव राजा भैया के लिए काफी चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है.

बीजीपी के साथ आएगी जेडीएल ?
उधर, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और JDL के अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की मुलाकात काफी चर्चा में है. 18 अक्टूबर को पंकज चौधरी ने लखनऊ स्थित राजा भैया के आवास (रामायण) में उनसे मुलाकात की. माना जा रहा है कि विधान परिषद चुनाव के बीच हुई इस मुलाकात को लेकर कई राजनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं. फिलहाल, 2027 के चुनाव में देखना होगा कि कुंडा विधानसभा सीट पर 2027 में चुनाव राजा भैया के लिए कितना चुनौतीपूर्ण रहने वाला है.

Google पर खबरों में TV 21 Network ज़्यादा देखना चाहते हैं?

⭐ हमें अपना Preferred Source बनाएं
TV 21 Network Official Logo – हिंदी न्यूज़ वेबसाइट | ब्रेकिंग न्यूज़, ताज़ा समाचार और विश्वसनीय खबरें

TV 21 Network Desk

TV 21 Network की संपादकीय टीम, जो देश-दुनिया, उत्तर प्रदेश, स्थानीय, राजनीति, अपराध, शिक्षा, व्यापार, खेल, मनोरंजन और टेक्नोलॉजी से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक तेज़, सटीक और निष्पक्ष तरीके से पहुंचाने का प्रयास करती है. हमारा उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जमीनी मुद्दों और जनसरोकार से जुड़ी खबरों को प्रमुखता देना है.

1 thought on “यूपी चुनाव-2027: कुंडा में 33 साल से राजा भैया का राज, अब अखिलेश ने चली नई चाल, जानिए जातीय समीकरण”

Leave a Comment